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बिना पशु बलि के पौड़ी बूं खाल मेला – चौकस दिखा प्रशासन

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पौड़ी जिले के थलिसैंण के बंूखाल में स्थित मां कालिंका के मंदिर में हर वर्ष लगने वाला मेला आज धूम धाम से मनाया गया। जिसमें हजारो की संख्या में श्रद्धालूओ की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही विभिन्न गांवो की देव डोलियां मंदिर पहुंचनी सुरु हो गयी थी। दिन भर मंदिर में सात्विक पूजा-अर्चना होती रही। बूंखाल मेंले को लेकर इस बार श्रद्धालुओ में काफी उत्याह देखने को मिला।

भगवान सिंह पौड़ी

धार्मिक आयोजन के दौरान ढोल-डमाउं की थाप पर क्षेत्र के कई गांव की डोलिया बूंखाल पहंुची। इस दौरन श्रद्धालुओ द्वारा मां के जयकारो से यहां का माहोल दिर भर भक्ति में डूबा रहा। दूर-दराज के गावो से भी मां कालिंकाकी पूजा अर्चना को लेकर यहां सुबह से ही लम्बी-लम्बी कतारो पर नजर आये।

आपको बतादे कि 2014 से पहले यह मंदिर पशुबली के लिए विख्यात था यहां हजारो की संख्या पशु बली दी जाती थी लेकिन सामाजिक कार्यक्रताओं के प्रयास से पषु बली को पूर्ण रुप से बन्द कर दी गयी। जिसके बाद से यहां लोग डोली में मां कालिंका की मूर्ती लाकर यहां चढाते है। मान्यता है कि जो भी यहां सच्चे मन से आता है उसकी मनोकामना पूरी होती है। इस दौरान यहां शांति व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये गये थे ताकि किसी प्रकार से पुरानी बली प्रथा को दुबारा दोहराई ना जा सके ।




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