आपदा ग्रस्त गाँवो को मांझी का सहारा। सोलर लाइट से निखरेगी मांझी की खूबसूरती।
गिरीश गैरोला।

डोडीताल ट्रैक पर मांझी के पास खाना बदोस की जिंदगी जी रहे अगोडा गाँव के ग्रामीणों ने उत्तरकाशी डीएम और गंगोत्री विधायक से उनकी जिंदगी के अंधेरे को कम करने के लिये सार्वजनिक सोलर लाइट की मांग की है।विश्व प्रशिद्ध डोडीताल ट्रैक रुट पर ताल से 5 किमी पूर्व एक पड़ाव है जिसे मांझी के नाम से जाना जाता है। यहाँ स्थानीय पशु पालकों के अस्थायी डेरे है जिन्हें छानिया कहा जाता है।अगोडा गाँव के लोग वर्षा काल सुरु होते है मांझी में अपने पशुओं के साथ चले जाते है और नवंबर महीने में वापस अपने गाँव मे लौट आते है।

राजशाही के समय से ही यह स्थान ग्रामीणों के हक हकूक में शामिल है।मांझी में करीब 45 परिवार छानियों में निवास कर रहे है। घर गाँव से दूर जंगल में निवास करने के पीछे ग्रामीणों की मजबूरी से भरी कहानियां हैं । पहली बात तो ये है कि अगोडा और आस-पास के गांव में वर्षा काल में लैंड स्लाइड का खतरा बना रहता है ।

वर्ष 2013 की आपदा से ग्रामीण अत्यधिक डरे हुए हैं लिहाजा मॉनसून शुरु होने से पहले ही अपने बच्चों और पशुओं के साथ ग्रामीण उपरी इलाके में शिफ्ट हो जाते हैं अगर तकनीकी रूप से भी देखें गांव के आसपास ग्रामीणों के पशुओ के लिए वर्ष भर का चारा मौजूद नहीं है यदि वर्षा की चार छह महीने ग्रामीणों के पशु ऊपरी इलाकों में निवास करें तो अगोडा गाँव में शर्दियों में चारे की कोई कमी नहीं होगी ।

मांझी में रह रहे ग्रामीण काश्तकार पर्यावरण संतुलन से बराबर नाता बनाए हुए हैं। मांझी मे ग्रामीणों के पशु गाय भैंस बैल आदि सुबह खुद-ब-खुद जंगलो में चरने चले जाते हैं और देर शाम खुद-ब-खुद वापस लौट आते हैं। माझी की आस पास प्राकृतिक रुप से जल श्रोत मौजूद है और पशुओं के लिए पर्याप्त घास और चारा भी मौजूद है जिसकी वजह से पशु अच्छी मात्रा में दूध देते हैं किंतु जंगल इलाके में रहने के कारण कई बार जंगली जानवरों से खतरा बना रहता है

ईसके साथ ही बीमार या घायल होने पर यहाँ दिक्कतें भी होती हैं ।यहाँ ग्रामीणों का प्रमुख रुप से मांग यह है कि उन्हें मांझी में सोलर पैनल लाइट उपलब्धि कराई जाए तो उजाले के चलते देर रात तक वे कार्य कर सकेंगे। उत्तरकाशी dm डॉ आशीष चौहान ने बताया कि गंगोत्री विधायक गंगोत्री गोपाल रावत से विचार विमर्श कर जल्द ही ग्रामीणों के लिए सोलर लाइट की व्यवस्था कराई जाएगी।

