
उत्तराखंड के चमोली जिले में जिला प्रशासन और कोविड-19 टीम यह स्पष्ट नहीं कर पा रही है कि 25 मई को की गई जांच रिपोर्ट के बाद जिले में 15 नए पॉजिटिव केस मिले हैं अथवा 11 नए पॉजिटिव केस। सूचना विभाग चमोली द्वारा पत्रकारों को भेजे गए प्रेस नोट में पहले 15 लोगों की पॉजिटिव होने की सूचना दिखाई गई जबकि इसके बाद संशोधित प्रेस नोट में 11 ही लोगों के पॉजिटिव होने की बात की गई।बड़ा सवाल यह यह चार पॉजिटिव केस आखिर कहां चले गए और किस के खाते में दर्ज होंगे।सूचना विभाग का पहला प्रेस नोट कुछ इस तरह से था।
सूचना विभाग चमोली द्वारा 25 मई 2020 को 172 लोगों के सैंपल कोरोनावायरस के लिए भेजा जाना बताया गया जिसमें से 15 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव तथा 102 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आना बताया गया जबकि 55 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी बताया गया है।

इसके तुरंत बाद संशोधित प्रेस नोट में
सूचना विभाग चमोली द्वारा 25 मई 2020 को जारी किए गए मेडिकल हेल्थ बुलेटिन में 172 लोगों के सैंपल पूर्ण आज आज के लिए भेजे जाने जिसमें से 11 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव तथा 102 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आना बताया गया है जबकि 59 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी बताया गया है कोविड-19 में 11 मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती दिखाया गया।
इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमओ चमोली डॉ डीके सिंह से दूरभाष पर जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि जो जांच के लिए 102 सैंपल भेजे गए थे उनमें से सिर्फ 11 ही चमोली जिले से है जिन चार अन्य लोगों के पॉजिटिव होने की बात कही जा रही है उनके सैंपल ऋषिकेश में ले गए थे उनके बारे में यह स्पष्ट नहीं है कि वह चमोली जिले के हैं या नहीं
अब इन चार पॉजिटिव मरीजों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है सवाल यह भी है कि चमोली जिला आंकड़ों में इन्हे अपने जनपद में नहीं दिखाता है तो इसकी सूचना क्या ऋषिकेश को भेज दी गई है कहीं ऐसा तो नहीं यह चार लोग चमोली की लिस्ट से भी गायब हैं और ऋषिकेश से भी।
दरअसल यदि यह चार पॉजिटिव केस चमोली के हैं और ऋषिकेश में इनका सैंपल लिया गया तब भी टोटल केस चमोली के नाम ही दर्ज होनी चाहिए जिसमें एक्टिव केस उन्हीं को दिखाया जा सकता है जो जिनका इलाज चमोली में चल रहा है । ऐसा तो नहीं कि जांच रिपोर्ट सभी की मिल गयी है पर अपने जिले में लेने को चमोली तैयार नही।
