राजा दशरथ से कैकेई ने दो बार मांगे थे एक से भरत को राजगद्दी और दूसरे से राम को 14 वर्ष का वनवास, बरसों बाद कोरोना महामारी के दौरान जिला प्रशासन भी ऐसा ही कुछ कर रहा है सवाल यह है कि इस बार कैकेई कौन है?
गिरीश गैरोला
लौक डाउन की अवधि में डेढ़ महीने हरिद्वार में रहने के बाद अचानक उत्तरकाशी जिले के धनेटी कस्बे में पहुंचा व्यापारी बिना क्वॉरेंटाइन के सीधे अपनी दुकान में पहुंचा और ग्रामीणों को सामान बेचने लगा ।सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान हर्ष मनी बहुगुणा सहित अन्य लोगों ने इस पर गंभीर आपत्ति जताकर जिला प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं उन्होंने कहा उत्तरकाशी जिला का बॉर्डर चावा गाड़ के पास सड़क पर पत्थर डालकर जिला प्रशासन ने बंद किया है, जिसे टाप कर लोग इलाके में पहुंच कर खौफ का माहौल बना रहे है।
जानकारी में आया है कि उक्त व्यापारी टिहरी जिले की पुलिस से मिलीभगत कर लंबगाव मोल्या मोटर मार्ग सेम मुखेम रोड से कौड़ार आकर उत्तरकाशी जिले में प्रविष्ट हुआ है । जानकारी के अभाव में कुछ ग्रामीणों ने उक्त व्यक्ति से समान भी खरीद लिया ।ग्राम प्रधान ने बताया कि उनके गांव के अपने लोग जो बाहर रहते हैं और लौक डाउन की अवधि में गांव वापस आ रहे हैं उन्हें भी 14 दिन के बाद ही गांव में प्रवेश की अनुमति मिल रही है ऐसे में बाहर से आ रहे व्यापारियों को छूट मिलने से सरकारी मशीनरी पर सवाल उठना लाजमी है।
हरिद्वार निवासी सुभाष चंद्र ने बताया कि वह रस, बंद , बिस्कुट आदि की सप्लाई स्थानीय मार्केट में करता है और आज भी मुखेम रोड पर सामान वितरण करके वापस आया है । सदस्य जिला पंचायत गजना और पंचायत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्ट ने सरकारी मशीनरी के लचीले पल पर सवाल उठाए हैं उन्होंने कहा यदि उक्त व्यापारी कोरो ना संक्रमित हुआ तो पूरे इलाके में इसके चलते संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है ।
इस संदर्भ में सरकारी पक्ष जानने के लिए एसडीएम डूंडा आकाश जोशी , आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवार और डीएम उत्तरकाशी डॉ आशीष चौहान से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
