एक तरफ सरकार से जुड़े प्रतिनिधि कोरो ना वारियर्स के सम्मान में बराबर पुष्प वर्षा कर रहे हैं वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवप्रयाग और हिंडोला खाल में उपनल से लगे हुए स्वास्थ्य कर्मियों को विगत 1 साल से मानदेय नहीं मिल रहा है उसके बाद भी सभी स्वास्थ्य कर्मी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
भगवान सिंह
दरअसल जिन स्वास्थ्य केंद्रों को पीपीपी मोड में दे दिया गया है उसमे लगे कर्मियों को समायोजित किया गया लेकिन इनको विगत 1 वर्ष से वेतन नहीं दिया गया ।
कोरोना वारियर्स को सम्मानित करने और उन पर पुष्प वर्षा करने क्षेत्र में दौड़ रहे गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने उपनल कर्मियों की समस्याओं को जायज बताया है और जल्दी सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने का भरोसा दिलाया।
उपनल कर्मियों का कहना है कि जून 2019 के बाद से उन्हें अब तक वेतन नहीं मिला है दरअसल सीएससी देवप्रयाग और हिंडोला काल में तैनात इन कर्मचारियों को 8 वर्ष पूर्व उपनल की ओर से नियुक्ति मिली थी, अब पीपीपी मोड के तहत सीएससी देवप्रयाग को हिमालयन हॉस्पिटल को दिए जाने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों को समायोजित तो किया गया लेकिन विभाग द्वारा इन सभी उपनल कर्मियों का नवीनीकरण कर मानदेय नहीं दिया गया है।
पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने इस पर तंज कसते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया उन्होंने कहा की धरातल पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को भूखे पेट ड्यूटी देनी पड़ रही है ऐसे में 1 साल तक स्थानीय विधायक और सांसद के कानों तक खबर नहीं पहुंची । इससे पता चलता है धरातल पर कितना संजीदगी से काम हो रहा है
