जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में देवाश्वरी देवी उम्र 58 कुथनोर बड़कोट उत्तरकाशी 17 मई 2020 को पेट दर्द उल्टी की शिकायत पर भर्ती किया था, यह मरीज सी एच सी बड़कोट डाक्टर अंगद राणा द्वारा भेजा गया। सीटी स्कैन पर आंतो में रुकावट और फटना निकला इनका बच्चेदानी का ऑपरेशन 9साल पहले देहरादून में हुआ था वहीं सारी आंते चिपक कर बंद होने से मल रुक कर पेट फूल गया इसकी 1.5फीट आंत काट कर आंत का कुछ हिस्सा पेट से बाहर निकाल कर रखा है ileostomy अब मरीज ठीक है दो बॉटल ब्लड भी दिया गया
उत्तरकाशी जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर सुरेंद्र सकलानी ने लॉक डाउन के बीच एक बार फिर एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। डॉ सुरेंद्र सकलानी ने बताया कि जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में देवाश्वरी देवी उम्र 58 कुथनोर बड़कोट उत्तरकाशी 17 मई 20 को पेट दर्द उल्टी की शिकायत पर भर्ती किया था, यह मरीज सी एच सी बड़कोट डाक्टर अंगद राणा द्वारा रेफर किया था।
डॉ सकलानी ने बताया कि सीटी स्कैन पर आंतो में रुकावट थी जो फट गई थी, मरीज का 9 वर्ष पूर्व बच्चेदानी का ऑपरेशन देहरादून में हुआ था , सारी आंते चिपक कर बंद होने से मल रुक कर पेट फूल गया था, मरीज की आंत का 1.5 फीट हिस्सा काट कर जोड़ा गया। जब काटे गए हिस्से को टांके से जोड़ने की कोशिश की गई तो यह हिस्सा फटे हुए कपड़े की तरह व्यवहार रहा था जिसमे टांके टिक नहीं पा रहे थे ले लिहाजा
आंत का कुछ हिस्सा पेट से बाहर निकाल कर रखा है इस प्रक्रिया को तकनीकी रूप से ileostomy कहां जाता है । ऑपरेशन के दौरान मरीज को दो बोतल खून की भी दी गई जिसके बाद मरीज अब स्वस्थ है ।
मरीज की स्थिति के आधार पर 15 से 20 दिन में एक बार फिर चेक किया जाएगा, यदि फिर भी लीकेज जारी रहा तो एक बैग लगाकर 4- 5 महीने बाद फिर से चेक कर बाहर के हिस्से को शरीर के अंदर डाल दिया जाएगा।
