शुक्रवार को उत्तरकाशी कई बातों के लिये देश को शुक्रिया कहता दिखा, सेना प्रमुख विपिन रावत का उत्तरकाशी जिले में ननिहाल और उससे भी बफी बात ये कि ननिहाल से बचपन जितना लगाव, इतना ही नही सेवा निवृत्तिनके बाद आर्मी चीफ ने गांव में निवास की बात कही तो पहाड़ी होने पर गौरव का अहसास हुआ।बद्री केदार और गंगोत्री दर्शन के बाद सेना प्रमुख ने ननिहाल को अपने चौथे धाम के रूप में प्रणाम किया।
हरीश असवाल
भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत का ननिहाल उत्तरकाशी धनारी पट्टी में है । बबचपन की यादों के साथ गहरा रिश्ता जतातें हुए ताज़ा की गांव गोठियार की यादे।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का ननिहाल उत्तरकाशी के धनारी पट्टी थाती गांव में है और पूर्व विधायक रहे ठाकुर किशन सिंह परमार के परिवार से है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर किशन सिंह परमार 60 के दशक में उत्तरकाशी क्षेत्र से विधायक रहे हैं। इससे पहले टिहरी प्रजामंडल में शिक्षा मंत्री रहे। थल सेना प्रमुख के पिता का नाम स्व. लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत, माता का नाम स्व. सुशीला देवी है। सेना प्रमुख का पैतृक गांव पौड़ी जनपद के द्वारिखाल ब्लाक का सैंज गांव है।
: बाबा केदारनाथ-बदरीनाथ के दर्शन के बाद सेवा प्रमुख गंगोत्री धाम गए और फिर वहां से अपने पत्नी के साथ अपने ननिहाल थाती गांव में पहुंचे, जहां वे अपने ममेरे भाई नरेंद्र पाल परमार और उनके परिवार से मिले। जनरल बिपिन रावत ने अपने बचपन की यादें साझा की। ममेरे भाई के परिवार को उपहार दिया। इस दौरान अपने नाना के पैतृक पंचपुरा घर में भी गए। इस दौरान वे राजराजेश्वरी मंदिर पूजा अर्चना करने गए। करीब एक घंटे तक गांव में रहे। गांव में ग्रामीण ने उन्हें पहाड़ी व्यंजन दाल की पकौड़ी और पूरी खिलाई.
छेत्र व ग्रामीण में बड़ा उत्साहित माहौल के साथ भव्यरूप से स्वागत किया गया ।

