टिहरी बांध परियोजना का नाम श्री देव सुमन के नाम से हो : मंत्री प्रसाद नैथानी, पूर्व मंत्री

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असहयोग आंदोलन में गांधीजी के सहयोगी रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और टिहरी  जेल में 84 दिन तक ऐतिहासिक अनशन के बाद शहीद हुए श्री देव सुमन की 104 में जन्मदिवस के अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने लॉक डाउन के चलते नवादा देहरादून स्थित अपने घर पर ही शहीद श्रीदेव सुमन को श्रद्धा सुमन अर्पित अर्पित किये।


टिहरी जिले  चंबा  बे मुंड के जोल गांव में पैदा हुए श्री देव सुमन 1942 में गांधीजी के संपर्क में आने के बाद सत्याग्रह आंदोलन में कूद पड़े थे , 1943 में टिहरी जाते समय उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया 2 साल जेल में रहने के बाद जब वह बाहर आए उसके बाद फिर से टिहरी रियासत ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उन्हें गुनाह कबूल कर क्षमा याचना करने का प्रलोभन दिया गया पर युवा आंदोलनकारी  को नहीं डिगा सके।

84 दिन की अनसन हड़ताल के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री देव सुमन इस दुनिया को छोड़ कर चले गए थे। शाहिद श्रीदेव सुमन के शहीद दिवस पर टिहरी जेल को एक दिन दर्शकों के लिए खोला जाता है और लोग उस कुटिया के दर्शन करते है जहाँ सुमन जी को रखा गया था साथ ही 35 सेर लगभग 70 किलो को लोहे की जिन बेड़ियों में उन्हें जकड़ा गया था वो आज भी दर्शनीय बनी हुई है, टिहरी शहर के झील में डूब जाने के बाद नई टिहरी की जेल में भी यह परंपरा आज भी कायम है पूर्व मंत्री उत्तराखंड सरकार मंत्री प्रसाद नैथानी ने मांग की है कि देश के लिए अपने प्राण उत्सर्ग करने वाले श्री देव सुमन की यादों को आने वाली पीढ़ी के दिलों में जिंदा रखने के लिए टिहरी बांध को का नाम श्री देव सुमन सरोवर रखा जाना चाहिए।  

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