पूरे देश में कुरौना महामारी को लेकर लॉक डाउन चल रहा है जिसके चलते सभी निर्माण कार्य भी बंद हैं बॉर्डर को जाने वाली सड़कों पर भी निर्माण कार्य बंद रखा गया है । ऐसे में ठेकेदार और नेताजी अपने डबल रोल में नियमों को ताक पर रखकर न सिर्फ लॉक डाउन का उल्लंघन किया जा रहा है बल्कि ग्रामीण सड़क का मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर डालकर उसे भी बाधित किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि विभाग ने कार्यवाही नही की, किंतु नेताजी के सफेद वस्त्रों की हनक में अधिकारी भी नोटिस भेजने और अपनी नौकरी बचाने तक सीमित दिखाई दे रहे है ।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की बात हो अथवा सीमा सड़क संगठन दोनों विभागों द्वारा उक्त ठेकेदार को मौखिक और लिखित नोटिस दिया गए हैं किंतु ठेकेदार का रवैया कोरोना वायरस की तरह ढीठ दिखाई दे रहा है।
गिरीश चंदोला, थराली चमोली
कोरोना वायरस रूपी वैश्विक महामारी से भारत सहित पूरा विश्व जूझ रहा है ,इस वायरस से बचाव और इसकी रोकथाम के लिए देश मे 21 दिनों के लॉकडाउन का एलान हुआ है जनता अपने अपने घरों में कैद है ,देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोज देश की जनता से अपील कर रहे हैं,कि इस वायरस से बचाव के लिए सतर्कता बरतें, अपने घरों में ही रहें, सामाजिक दूरी का पालन करें ,सड़को पर आवाजाही बन्द है, दुपहिया, चारपहिया वाहन बन्द हैं, सिनेमाहॉल बन्द हैं ,शॉपिंग मॉल बन्द हैं ,होटल बन्द हैं, रेस्तरां बन्द हैं,रेलगाड़ियां बन्द हैं, प्लेन बन्द हैं और तो और सड़कों के निर्माण कार्य बंद हैं जिस उत्तराखंड में चारधामो को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड का काम बंद है, रेलवे प्रोजेक्ट बन्द हैं
,राष्ट्रीय राजमार्ग सुधारीकरण के कार्य बंद है ,ऐसे में नारायणबगड़ विकासखण्ड के मींग गधेरा -बैनोली मोटरमार्ग पर चल रहा सड़क कटिंग का कार्य बताता है कि निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार को न तो नियमो से कोई मतलब है और न ही प्रशासन का कोई डर ।
उत्तराखंड में किसी भी तरह का निर्माण कार्य लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह प्रतिबंधित है बावजूद इसके प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मींग-बैनोली के 3 किमी की दूरी पर सड़क कटिंग का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है बाकायदा सड़क कटिंग का मलबा डंपिंग जोन में डालने की बजाय ग्वालदम-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर डाला जा रहा है ,लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओ को छूट के दायरे में रखा गया है लेकिन मींग बैनोली सड़क कटिंग के दौरान सड़क का मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग भी बाधित हो रहा है बृहस्पतिवार शाम भी सड़क कटिंग का मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने से मोटरमार्ग लग्भग एक से डेढ़ घण्टा बाधित रहा ,मलबे के साथ बड़े बड़े बोल्डर आने से जहां राष्ट्रीय राजमार्ग को तो नुकसान हो ही रहा है वहीं जाम में फंसने से आवश्यक सेवाएं भी बाधित हो रही हैं ,इससे भी बड़ी बात ये है कि जहां पूरा देश लॉकडाउन में है आम आदमी घरों के अंदर कैद है ,सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए पुलिस सड़को पर है,तो वहीं सड़क निर्माण का कार्य करा रहे ठेकेदार साहब अपने मजदूरों की जान जोखिम में डालने की क्यो हिमाकत कर रहे हैं ,सड़क कटिंग का कार्य करने के लिए ठेकेदार साहब ने न तो प्रशासन से किसी तरह की अनुमति ली हुई है और न ही सड़क किनारे खड़े इन मजदूरों द्वारा सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है, न मुंह पर मास्क हैं,और लॉकडाउन का धड़ल्ले से उलंघन कर प्रशासन को मुंह चिढ़ाया जा रहा है ,
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी
वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाड़ी का कहना है कि उनके द्वारा कुछ सड़को पर निर्माण कार्य शुरू कराए जाने को लेकर जिलाधिकारी चमोली को पत्र लिखा गया था लेकिन अभी तक किसी भी तरह की अनुमति नही मिली है उन्होंने मींग-बैनोली मोटरमार्ग पर किसी भी तरह के कार्य का सुचारू होने की बात पर कहा कि ठेकेदार द्वारा उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नही दी गयी है
तो वहीं उपजिलाधिकारी थराली किशन सिंह नेगी ने भी स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी तरह की अनुमति सड़क निर्माणदायी कंपनियों या ठेकेदारों को नही दी गयी है
अब जब अनुमति ही नही दी गयी है तो क्यो ठेकेदार साहब नियम कानून को ताक पर रखकर सड़क कटिंग का कार्य करवा रहे हैं ये समझ से परे है, जानकारी ये भी है कि सड़क कटिंग का कार्य करा रहे ठेकेदार सिर्फ ठेकेदार ही नही जनप्रतिनिधि भी हैं और विकासखण्ड नारायणबगड़ के मुखिया भी तो भला इतनी जिम्मेदारी के बावजूद बिना अनुमति लॉकडाउन की अवधि में सड़क कटिंग का कार्य कराना कहीं सत्ता की हनक तो नहीं
वही बीआरओ के कमान अधिकारी नागेंद्र कुमार का कहना है। कि हमने संबंधित ठेकेदार को नोटिस दे दिया है बावजूद ठेकेदार द्वारा सड़क कटिंग का कार्य कर्णप्रयाग ग्वालदम मोटर मार्ग पर डाला जा रहा है जिसके चलते उन्होंने ठेकेदार किस प्रति एफआईआर करवाने की बात कही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ठेकेदार के प्रति एफ आई आर होती है या विभागीय अधिकारी की बातें हवा हवाई साबित होंगी
