धनोल्टी।
वैश्विक बीमारी कोरोना से बचाने के लिए लोगों को घरों में रहकर लॉक डाउन का पालन करने के लिए कहा जा रहा है ताकि लोगों की जान सुरक्षित रह सके किंतु यदि पीने के पानी में ही मेंढक मरे हुए हो तो लोगों का जीवन कैसे सुरक्षित रह सकता है । मामला टिहरी जिले के धनोल्टी क्षेत्र का है जहां पीने के पानी के टैंक की बरसों से सफाई न होने के चलते जब ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से टैंक की सफाई की तो वहां कई जीव जंतु मरे हुए पाए गए ।
ग्रामीणों ने बताया कि सूचना मिलने पर जल संस्थान ने अपने एक संविदा कर्मी को मौके पर तो भेजा किंतु बिना संसाधन के कर्मचारी भी कुछ नहीं कर सका
टिहरी जिले के जौनपुर ब्लॉक के तहसील धनोल्टी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत जाड गांव के ग्राम पुजार गांव में उत्तराखंड जल संस्थान की पेयजल लाइन में विगत कई वर्षों से पानी की हो रही समस्या एवं साफ-सफाई पर जल संस्थान द्वारा किसी प्रकार का कोई देखभाल और

साफ-सफाई एवं निरीक्षण के कार्य में हो रही लापरवाही से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर है जबकि यह पेयजल योजना सन 1986 से चल रही है तब से ग्रामीण लगातार बिलों का भुगतान कर रहे हैं उसके उपरांत भी पानी की समस्या बनी हुई है जिसके चलते आज पानी की मूल समस्या को मध्य नजर रखते हुए ग्राम प्रधान अरविंद सकलानी एवं उपप्रधान नवीन सकलानी के नेतृत्व में ग्राम वासियों के द्वारा कोरोना कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए

मूल जल स्रोत मुलाणी नामक तोक में साफ सफाई का कार्य किया जिसमें पाया गया कि प्रथम सप्लाई टैंक चेंबर में मेंढक अन्य जल जीव मृत अवस्था में पाए गए एवं टैंक चेंबर के चारों दीवारों में कई शैवाल जमी हुई मिली उसके उपरांत फिल्टर टैंक की सफाई में यही स्थिति देखने को मिली जिसमें फिल्टर टैंकों से सप्लाई की दीवारों की स्थिति भी दयनीय थी , यह पानी पीने लायक नहीं है, ग्राम प्रधान अरविंद सकलानी द्वारा मौके से संबंधित जल संस्थान अभियंता जौनपुर अधिशासी अभियंता टिहरी को दूरभाष एवं व्हाट्सएप के माध्यम से फोटो व वीडियो भेजकर अवगत कराया गया उसके उपरांत जल संस्थान से क्षेत्रीय संविदा कर्मी मौके पर पहुंचे उसके पास पर्याप्त उपकरणों की कोई व्यवस्था नहीं थी।
समस्त ग्राम वासियों के श्रमदान से जल स्रोत की पूर्ण साफ-सफाई की गई जिसमें सुशील सकलानी मनीष तिवारी चिरंजीव लाल लाखी राम देवेंद्र दत्त रमेश बिंदु देवी नीतू देवी रेखा देवी शीला देवी ऐला देवी आदि लोगों के द्वारा सहयोग किया गया।
