गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागु पाए, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए।।
इस दुनिया के भगवान के स्वरूप को समझाने वाले
आज फिर वो गुरुजी याद आ रहे है जिनके डंडे खाकर याददाश्त तेज हो जाती थी बुराई की तरफ आंख उठाने से पहले गुरुजी का चेहरा याद आता था, तो बुराई दूर से ही दूर चली जाती थी, न छात्रों ने और न माता पिता ने कभी गुरुजी की पिटाई का विरोध किया, और छात्रों ने भी बस प्रसाद समझ ग्रहण किया। ये ओँ दिनों की बात है जब शिक्षक प्रेरक होते थे खुद के आचरण से लोगो को जीवन जीने का तरीका समझाते थे, गुरु देव समान थे। समाज के मार्ग दर्शक रहे शिक्षक यशपाल नेगी और उनकी धर्मपत्नी के आचरण से गुरु और गोविंद में फर्क करना मुश्किल प्रतीत हो रहा है।
भगवान सिंह पौडी
उम्र के आखरी पड़ाव में भी पौडी जिले के गुरु दंपति को खुद के स्वास्थ्य से ज्यादा राष्ट्र धर्म की चिंता है, कोरोना के खिलाफ आम जन की और सरकार के योगदान की बात करते है सिर्फ भाषण में नही ,खुद अगवाई करते है ताकि लोग उनके नक़्शे कदम पर चल सके।
कोरोना की राष्ट्रव्यापी आपदा में पौड़ी के बुज़ुर्ग शिक्षक दम्पति यशपाल सिंह नेगी उम्र 81 वर्ष और उनकी 69 वर्षीय पत्नी चंपा नेगी ने अपनी पेंशन धनराशि में से एक-एक लाख रुपये कुल दो लाख रु के चेक पौड़ी के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल को मुख्यमन्त्री राहत कोष में गरीब एवं लाचार लोगों की मदद के लिये दी है।
गुरुदेव नेगी दम्पति पूरे इलाके में पूर्व से ही गौ सेवा के कारण भी चर्चा में रहा है। जीवन का कमाई विरासत अपने बहुमंजिला मकान को किराये पर देने या अन्य कोई व्यावसायिक उपयोग करने के बजाय गुरु जी ने निराश्रित गायों को भी आश्रय देने के लिए समर्पित किया है। गुरुकृपा से इस बहुमंजिला मकान में गाय सीढ़ियां भी चढ़ जाती हैं। आज भी गुरुदेव के आवास के पास निराश्रित गौवंश का जमावड़ा रहता है । गुर दम्पति वृद्धावस्था और ख़राब स्वास्थ्य के बाबजूद इन्हें चारा-पानी देने में कोई कसर नहीं छोड़ते। गुरुदेव की तीनों बालिकाओं का विवाह हो चुका है और यह गुरु जोड़ी अकेले ही पौड़ी में निवास करती हैं।
गुरुवर यशवंत सिंह नेगी,कल्जीखाल इण्टर कॉलेज से लंबी सेवा के बाद प्रधानाचार्य के पद से रिटायर हुये,जबकि उनकी पत्नी गुरु माता श्रीमती चम्पा नेगी जीजीआईसी एकेश्वर से प्रधानाचार्य के पद से रिटायर हुयी हैं । गुरु जोड़ी कोरोना महामारी से मानवता पर संकट की इस घड़ी में बड़ी धनराशि की मदद कर शिक्षकों को एक बार फिर समाज अग्रणी मार्गदर्शक शिद्द कर दिया है ।
इससे पूर्व पौड़ी के ही सकलानन्द गुरुजी ने अपनी एकमाह की तनख्वाह भी सीएम राहत कोष में दान कर चुके है।
यशपाल सिंह नेगी
जिलाधिकारी धीराज गब्याल
