प्रधानों के कपड़े फाड़ने को तैयार ग्रामीण, प्रधानों का सांकेतिक धरना – जिलों को मिले 4 करोड़ भूखों को राशन पैकेट बांटने में खर्च ?

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कोरोनावायरस कोविड-19 के चलते हैं देशभर से वापस लौट रहे प्रवासी उत्तराखंड यों को गांव जाने से पहले पंचायत कोरेंटिन की व्यवस्था कर रहे ग्राम प्रधानों को सरकारी बजट मिलने की अफवाह से दो चार होना पड़ रहा है। प्रवासी उत्तराखंड के साथ गांव के लोग भी बजट का हिसाब मांग रहे हैं। नाराज प्रधान संगठन ने 2 घंटे का सांकेतिक विरोध जताकर सरकार से अपनी नाराजगी प्रकट कर दी है । वहीं सूत्रों की माने तो जिलों को दिए गए चार करोड़ के बजट भूखों को राशन पैकेट बांटने में ही खर्च हो चुका है।

https://youtu.be/OtIUqcTM2p0

कोरोना वायरस कोविड-19 के निवारण के लिए बने पंचायत क्वॉरेंटाइन सेंटर में सरकारी जिम्मेदारी थामे ग्राम प्रधानों ने सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर मदन कौशिक काबीना मंत्री के उस बयान के विरोध में एक दिन क्वेंटिन सेंटर में 2 घंटे का विरोध दर्ज किया है जिसमें उन्होंने ग्राम प्रधानों को क्वॉरेंटाइन के लिए अच्छा पैकेज देने की बात कही थी , गौरतलब है कि एक पत्रकार वार्ता के दौरान शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने ग्राम प्रधानों को अच्छा पैकेज देने की बात कही थी पत्रकारों द्वारा सवाल उठाए जाने पर मंत्री ने कहा कि हर जिले को4 करोड़ रु दिए गए है।

ग्राम प्रधान संगठन के उत्तरकाशी जिला अध्यक्ष प्रताप रावत ने बताया कि मंत्री के उक्त बयान से गांव मे क्वॉरेंटाइन सेंटर के लिए आने वाले बजट मिलने की अफवाह के बाद लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने की संभावना बन गई है और लोग प्रधानों से बजट डकारने के आरोप लगा लगा रहे हैं। वही उत्तरकाशी जिला प्रशासन के सूत्र बताते हैं की मुख्यमंत्री राहत कोष से जिले को आवंटित बजट के साथ 15 – 15 लाख तीन विधायकों से और 15 लाख पंचायत राज से कुल 60 लाख की अतिरिक्त की रकम भी भूखों को खाद्यान्न के पैकेट बांटने में ही कर चुकी है ,हालांकि इस बारे में पूर्ण जानकारी के लिए डीएम उत्तरकाशी से संपर्क साधा गया तो उन्होंने फोन नही उठाया।

उत्तरकाशी मंत्री जी के बयान से गांव में उपजे विवाद और प्रधानों के साथ हो रही अभद्रता को लेकर प्रधान संगठन उत्तरकाशी के आह्वान पर ग्राम प्रधानों ने अपने अपने गांव के क्वॉरेंटाइन सेंटर में दो धंटे सांकेतिक धरना दिया। मोरी, पुरोला ,नॉगाव ,चिन्यालीसौड़ डुंडा, भटवाड़ी में ग्राम प्रधानों ने खुल कर इस बयान का बिरोध करते हुए धरना दिया।

मनेरी में जिलाध्यक्ष प्रताप रावत, प्रधान ओगी पार्वती रमोला , प्रधान हीना आरती मखलोगा ने सामाजिक दूरी बनाते हुए आदर्श प्राथमिकता विद्यालय मनेरी धरने पर रहे।

प्रताप रॉवत ने बताया कि ये सरकार को चेतावनी भर थी इसके बाद सभी सभी प्रधान अपने गांव की सेवा , और जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को पूर्व की भांति सहयोग करते रहेंगे ये धरना सांकेतिक रूप से केवल एक दिन का था।
प्रताप रावत ने बताया कि जिले से भी सम्मानित प्रधानों और सभी सम्मानित पदाधिकारियों ने इसमें पूरा सहयोग दिया है।

जिले के 508 प्रधान साथियों में से मेरी 419 प्रधानों से अभी ब्यक्तिगत आभार। जिन्होंने धरने की फ़ोटो भेजी है। पुनः एक बार सभी साथियो का आभार
प्रताप रावत
जिलाध्यक्ष

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