उत्तरकाशी -गंगोत्री रास्ट्रीय राजमार्ग पर मनेरी के पास बीआरओ की सड़क वरसात के इन दिनों तालाब में तब्दील हो जाती है। सड़क पर कर जाने में लोगो को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इस स्थान पर ग्रामीणों द्वारा अस्पताल के लिए दान में दी गईं जमीन और भवन में प्रवेश करने के लिए पड़ोसियों की दीवार फांद कर जाना पड़ रहा है।
गिरीश गैरोला।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर मनेरी में होटल गंगा दर्शन के पास रास्ट्रीय राजमार्ग पर बनी हुई नाली की मरम्मत करने को कोई भी विभाग तैयार नही है। हालांकि चार धाम यात्रा मार्ग पर तैयारियों का बड़ा पुलिंदा लेकर विभाग के अधिकारी बैठक में सामिल होते है। इसके पास में ही राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय है । वरसात के दिनों सड़क पार कर दवा आदि के लिए अस्पताल तक पहुँचने के लिए पड़ोस की दीवार लांघ कर जाना होता है। सड़क के रख रखाव की जिम्मेदारी सीमा सड़क संगठन के पास है।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में तो प्लास्टिक पॉलीथिन पर पूर्ण रूप से वैन है किंतु मनेरी के पास इस स्थान पर आपको नाली में प्लास्टिक पॉलीथिन और बोटल आदि पर्याप्त मात्रा में जमा दिखाई देंगी जिस कारण नाली चोक हो जाती है और नाली का पानी सड़क पर तालाब की शक्ल ले लेता है। इस नाली के नीचे ही सिंचाई विभाग की नहर भी है किंतु कोई भी विभाग इसकी सुध नहीं लेता। आयुर्वेद अस्पताल में तैनात कर्मचारी दयानंद गैरोला ने बताया कि जब अस्पताल में आने लायक रास्ता नही बचता तो दर्जनों बार खुद उन्होंने कीचड़ साफ कर रास्ता बनाया है अन्यथा उन्हें भी पड़ोसी।की दीवार फांद कर ही अस्पताल में प्रवेश करना होता है।इस संबंध में जब बीआरओ के स्थानीय अधिकारी से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन नही उठाया।
