चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूंथा जाऊं उक्त पंक्तियों में कवि फूल की अभिलाषा के बारे में बताता है ।
आमतौर पर यह धारणा है कि फूल देवताओं को चढ़ाने के लिए या राजमुकुट पर धारण करने के लिए हैं , किंतु समय समय पर फूल ने खुद आपने परिभाषाएं बदली है। एक समय बॉर्डर पर जाने वाले सैनिकों के लिए तो आज कोरोना महामारी के वॉरियर्स के सम्मान में काम आ रहे हैं ।

काम से होती है पहचान – समाज को बांटने वाली ताकते कुछ भी कहती रहे लेकिन हकीकत यही है कि इंसान की पहचान उसके काम से होती है और अच्छे काम करने वाले को एक दिन समाज जरूर पूजने लगता है । कोरोना महामारी के बाद डॉक्टर्स और पुलिस के साथ सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पर्यावरण मित्र – सफाई कर्मियों की भूमिका सामने आई है बेहतरीन कार्य के संपादन के लिए उत्तरकाशी जिले का समाज पर्यावरण मित्रों पर फूल बरसाता था बरसा रहा है जिन्हें वह कभी अपने देवताओं को अर्पित करता था, वही भगवान जिनसे उसे उम्मीद होती है कि उनकी कृपा से सुरक्षित रहेगा। उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ में निर्धारित ड्यूटी से हटकर काम करने वाले सफाई निरीक्षक कमल सिंह चौहान अपनी पूरी पर्यावरण मित्र टीम के साथ एक बार फिर चर्चाओं में है।
गिरीश गैरोला
नगरपालिका चिन्यालीसौड के सफ़ाई निरीक्षक कमल चौहान एवं पर्यावरण मित्रों को भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय बडोनी एवं मंडल महामंत्री मनोज कोहली द्वारा नगरपालिका कार्यालय में फूल मलाओ से स्वागत किया गया। इसके साथ ही नगरपालिका चिन्यालीसौड के पीपलमंड़ी वार्ड के सभासद नरेंद्र नेगी एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुमन बडोनी को प्रभावी लॉक डाउन के दृष्टिगत उनके उत्कृष्ट सेवा देने के लिए धन्यवाद एवं सम्मानित किया गया। 19 पर्यावरण मित्रों को अन्नपूर्णा राशन किट भी वितरित की गयी।
इस मौक़े पर नीतीश अरोड़ा, अमित पंवार, अंकित पंत आदि मौजूद रहे।
