सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (SUMAN) को लेकर जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित ने ब्लाक कोर्डिनेटर आशा, सुपर वाइजर बाल विकास व आशा फेसिलेटर के साथ गर्भवती महिलाओं के प्राथमिक पंजीयन,हीमोग्लोबिन, टीकाकरण,शिशु व मातृत्व मृत्यु दर आदि को लेकर जिला सभागार में चर्चा कर फीड बैक लिया ।
मोरी ब्लॉक समेत अन्य विकास खंडों से जो आशा फेसिलेटर बैठक में नही आयी उन सभी का मानदेय पर रोक लगाने व पिछले एक माह में उनके द्वारा कितना कार्य किया गया इसकी रिपोर्ट डॉ वीके विश्वास को प्रस्तुत करने व स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए।
डॉ वीके विश्वास द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण,टीकाकरण,हीमोग्लोबिन,जच्चा-बच्चा की देख -रेख,शिशु मृत्यु एवं कोविड वेक्सिनेशन के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। उन्होंने बताया की आशा कार्यकत्री एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी तालमेल के साथ अनिवार्य रूप से अपने गांव की गर्भधारण करने वाली महिलाओं का पंजीकरण करेगी। तथा इसकी सूचना पारदर्शिता के साथ तत्काल अपनी आशा फेसिलेटर व सुपरवाइजर को देंगी। पंजीयन के बाद गर्भवती महिला के सभी टिके व कम से कम चार बार हीमोग्लोबिन की जांच करवाई जाय।आयरन,केल्शियम की दवाई समय से गर्भवती महिला को दी जाय। ताकि गर्भवती महिला के हीमोग्लोबिन में गिरावट न आए। आने वाले दिनों में कोविड वैक्सीनेशन की तैयारी भी जोरों पर है। ग्रामीण स्तर पर आशा,आंगनबाड़ी कार्यकत्री की जिम्मेदारी अहम है इस हेतु अभी से जागरूक रहने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने समस्त ब्लाक कोर्डिनेटर आशा, सुपर वाइजर बाल विकास व आशा फेसिलेटर को निर्देश दिए कि धरातलीय स्वरूप प्रदान करने के लिए आप सभी की जिम्मेदारी अहम है। इसलिए आपसी तालमेल से कार्य करना सुनिश्चित करे। ताकि धरातलीय स्तर से सटीक व त्रुटि रहित आंकड़े विभाग को मिल सके। जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 15 दिन के भीतर सीएचसी चिन्यालीसौड़ में अल्ट्रासाउंड मशीन चालू करने के निर्देश एसीएमओ को दिए।
बैठक में डॉक्टर सुजाता, बाल विकास एवं कार्यक्रम अधिकारी संगम सिंह सहित ब्लाक कोर्डिनेटर आशा, सुपर वाइजर बाल विकास व आशा फेसिलेटर मौजूद थे।