उत्तरकाशी वरुणावत पर्वत के तांबा खानी शूट का उपचार कर रही कार्यवाई संस्था ने डीएम के आदेश को ठेंगा दिखाया तो डीएम ने आपदा प्रबंधन एक्ट में विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी।
गिरीश गैरोला
दरअसल वरुणावत पर्वत उपचार में छोड़ दिये गए तांबा खानी शूट के उपचार के लिए 6.22 करोड़ रु स्वीकृत हुए थे , लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने जिस संस्था को उपचार कार्य सौंपा उसने तांबा खानी उपचार के दौरान निकला मलवा को डंपिंग ज़ोन में डालने के बजाय उपचारित पहाड़ी के ऐसी बेंच पर डाल दिया था जो वरसात में गंगोत्री रॉड पर बने आवासीय कालोनी और होटल्स के साथ बाजार पर एक बार फिर कहर बनकर टूट सकता है। शिकायत मिलने पर खुद उत्तरकाशी डीएम ने मौके पर जाकर छापा मारा तो पाया कि न तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता देखने के लिए लगाए गए सीसी कैमरे ठीक से काम कर रहे थे और न मलवे की डंपिंग स्थल में डाला जा रहा था, मौके पर मौजूद ठेकेदार के इंजीनियर ने भरोसा दिलाया था कि मलवा आबादी वाले हिस्से के खतरे वाले स्थान से हटाकर सही स्थल पर शिफ्ट करवा लिया जाएगा। किन्तु लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की तर्ज पर ठेकेदार ने भी डीएम की बात को एक कान से सुनकर दूसरी से निकाल दिया।
गौरतलब है कि मानसून कॉल में आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा में यदि डीएम ने कार्यवाही की तो ठेकेदार सहित लोक निर्माण विभाग को नानी याद आ सकती है।

जिला सभागार कक्ष में वरूणावत पर्वत शूूूट उपचार कार्यों की बैठक लेते जिलाधिकारी डा0 आषीश चौहान ने उपचार सम्बन्धित निर्माण कार्यों पर लोनिवि अधिषासी अभियन्ता को तत्काल प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देष दिये उन्होनें कहा कि निर्माण कार्यो के दौरान अगर शहर के ओर पत्थर गिरते है तो सम्बन्धित विभाग के खिलाप एफआरआई दर्ज करायी जायेगी । वरूणावत पर्वत उपचार स्थल पर मौजूद मलबे का निस्तारण अभी तक न होने पर जिलाधिकारी ने लोनिवि अधिषासी अभियन्ता को फटकार लगाते हुए शीघ्र मलबे का निस्तारण करने को लेकर निर्देषित किया । उन्होनें सम्बन्धित विभाग को निर्माण कार्यों की गुणवता पर विषेश ध्यान देने को कहा व उपचार कार्यों में तेजी लाने के निर्देष दिये । उन्होनें कहा कि बरसात के दौरान उचित संसधानों के साथ उपचार कार्यों में कतई लापरवाही न बरते अन्यथा उचित कार्यवाही की जायेगी ।
बैठक में अधिषासी अभियन्ता बी0एस0 पुन्डीर लोनिवि , आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेन्द्र पटवाल , सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे ।
