लौक डाउन के बाद घर में बैठे-बैठे बोर हो रहे हैं? घर से बाहर गलियों में निकले तो पुलिस के डंडों का डर है। लिहाजा बहुत दिनों तक घर में बंद रहने के बाद बोरियत आ रही है और सड़क पर निकलने का मन कर रहा है तो समाज सेवा का लेवल लगाइए कुछ गरीबों में राशन बांटिए,
और अगर आप गांव में हैं और आपके पास लौक डाउन के दौरान कुछ काम नहीं है तो आप जनसेवा के साथ स्थानीय महिलाओं को रोजगार से जोड़ते हुएघर घर में मास्क बनाने का काम शुरू कर सकते है, इससे आपको बोरियत भी दूर होगी और जनसेवा भी होगी महिलाओं को रोजगार मिलेगा वो अलग से।
भगवान सिंह पौड़ी।
विकासखंड एंकेश्वर के ग्राम इसोटी के समाजसेवी कविंद्र इस्टवाल ने महिलाओं के साथ को रोना महामारी से निपटने के लिए मास्क बनाने का काम शुरू भी कर दिया है। इस्टवाल गांव की महिलाओं को कपड़ा उपलब्ध कराकर मास्क बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं । जहां बाजार में मास्क ₹50 में मिल रहा है, वहीं महिलाएं इसे 12 से 15 रू में तैयार कर रही है। कांग्रेस प्रदेश सचिव व समाजसेवी कविंद्र इस्ट्वाल ने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार किए गए इन मास्को खरीद कर वे जनता में वितरित करेंगे इससे जहां घर में खाली बैठी महिलाओं को रोजगार मिलेगा वहीं लोगों को भी अच्छी क्वालिटी के मास्क उपलब्ध हो जाएंगे।
