दो जून की रोटी के लिए सड़क पर खड़े मजदूरो को पुलिस कोरोना ज्ञान देकर लाठी से हांकते हुए घरों में दुबकने का ज्ञान दे रही है और लॉक डाउन की दुहाई देते हुए जिंदगी बचाने का मंत्र भी पेल रही है , वही मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना फेस 2 पर निर्माण कार्य बेधड़क चल रहा है बिना अनुमति के चल रहे इस निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को क्या करो ना वायरस से प्रतिरोधक क्षमता मिल गई है अथवा इसकी गुणवत्ता और अनुमति के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों ने ऊपरी स्तर से जुगाड़ बना लिया है
गिरीश गैरोला
पूरे देश और दुनिया में जहां कोरोना वायरस के प्रकोप से लॉक डाउन है और तमाम बाजार सहित सरकारी कार्यालय निजी कार्यालय और निर्माण कार्य बंद है वही उत्तरकाशी जिले के मनेरी भाली फेस 2 परियोजना के डाउनस्ट्रीट में न सिर्फ काम चल रहा है बल्कि सीमेंट कंक्रीट निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता के भी सूचना मिल रही है ।

चित्रों में आप देख पा रहे हैं कि यहां पर ताजा सीमेंट कंक्रीट सरिया के साथ नदी के किनारे निर्माण कार्य चल रहा है हालांकि जैसे ही किसी बाहरी व्यक्ति के इलाके में पहुंचने की आहट हुई सुनते ही वहां मौजूद लेबर और मौके पर मौजूद सहायक अभियंता भागते हुए गायब हो गए।

मौके पर लिए गए चित्र बता रहे हैं कि वहां पर ताजा निर्माण कार्य चल रहा है पहला सवाल तो यह है कि जब पूरे देश में निर्माण कार्य बंद हैं तो यहां पर किस नियम के तहत निर्माण कार्य चल रहा है दूसरा सवाल कार्य की गुणवत्ता को लेकर है जहां आरसीसी और पीसीसी के ऊपर मिट्टी डाल दी गई है अब यह मिट्टी निर्माण कार्य को ढकने के लिए है या निर्माण की गुणवत्ता को ढकने के लिए इस संबंध में जब हमने विभाग के सहायक अभियंता श्री रावत से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके विभाग में 14 मार्च से ही निर्माण कार्य बंद है और उनके स्तर से कोई भी निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। अब सवाल ये भी कि काम बंद हो गया तो टी एंड पी मौकेपर क्यों छोड़ दी?
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब विभाग निर्माण कार्य से इंकार कर रहा है तो निर्माण कार्य आखिर कर कौन रहा है इस संबंध में जब हमने एसडीएम बटवाड़ी देवेंद्र सिंह नेगी से बातचीत की करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।जल विद्युत परियोजना की बैराज से जब अतिरिक्त पानी को फ्लैश किया जाता है उस दौरान बड़ी तेजी से पानी किनारों को काटते हुए आगे बढ़ता है इसी की सुरक्षा के लिए यह काम किया जा रहा है जो निर्माण कार्य की अनुमति के साथ गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है , अपुष्ट सूत्रों की माने तो जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता डीएम दरबार में उक्त निर्माण कार्य को करने के लिए की अनुमति के लिए चक्कर काट रहे हैं लेकिन तब तक इसी तरह से गुपचुप तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है।
