कोरोना की वैश्विक महामारी के बाद भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले किस स्थिति में है इससे बड़ी चिंता नोटो के आदान प्रदान के समय होने वाले संभावित कोरोना संक्रमण को लेकर सामने आ रही है, हाथों के संपर्क में आने के बाद नोट कोरोना के वाहक हो सकते है वही एटीएम मशीन पर भी हाथों के स्पर्श से यही खतरा बराबर बना हुआ है। भारतीय स्टेट बैंक ने इस खतरे को भांपते हुए अपनी ब्रांच में पूरी सतर्कता बरतना सुरु कर दिया है।
भगवान सिंह पौडी
पौड़ी में कोरोना वायरस जैसी महामारी से जनता को बचाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक ने भी कड़े कदम उठाते हुए अब सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है भारतीय स्टेट बैंक ने नोटो को सैंनेटाइज करना शुरू कर दिया है साथ ही स्टेट बैंक पहुंचने वाले ग्रहको और भारतीय स्टेट बैंक के सभी कर्मचारी बैंक में एंट्री लेने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से धोना सुरु कर दिया है। बार बार अपने हाथों को सैंनेटाइज कर जागरूकता के साथ इस महामारी को फैलने से रोका जा रहा हैं ।
इस दौरान कैश लेन देन से पहले भी बार बार हाथो को सैंनेटाइज किया जा रहा है इसके साथ ही बैंक के बाहर सभी एटीएम मशीनों पर भी सेनेटाइज़र का छिड़काव किया जा रहा है । एटीएम मशीन से कैश प्राप्त करने वाले ग्राहको के हाथों को भी सैंनेटाइज किये जाने के बाद ही कैश निकालने की परमिशन दी जा रही है कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए बैंक प्रतिनिधि मास्क लगाकर ही अपना कार्य कर रहे हैं ।
वहीं बैंक पहुँचने वाले ग्राहक भी मास्क पहनकर ही बैंक में प्रवेश कर रहे हैं वहीं सुबह 7 से 10 खुल रहे बैंक में भी सोश्यल डिस्टेन्स को पूरी तरह से मैंटेन किया जा रहा है और इसी तरह से कोरोना वायरस को हराने के लिए सतर्क रहकर अपनी पूर्ण सुरक्षा बरतने की अपील की जा रही है बताते चले कि कोरोना वायरस के बढ़ने का सबसे अधिक खतरा नोट के आदान प्रदान एटीएम मशीन में हाथ लगाने से अधिक फैलने के आसार रहते हैं इसलिए ये कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
आशीष कुमार(मुख्य प्रबंधक एसबीआई बैंक)
