सावन के महीने में एनजीटी को काशी में दिखा सब हरा हरा, डीएम को मिली शाबाशी।

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गंगा और सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए गठित एनजीटी को उत्तरकाशी में सब उत्कृष्ट दिखाई दिया। गंगोत्री और ज्ञानसू में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की मौके पर जांच नमूने उत्कृष्ट आने पर जिला प्रशासन को शाबाशी दी। गंगा भागीरथी में गिरने वाले नालों को जल्द टैप करने के डीएम के भरोसे के साथ 100 मीटर परिधि में कोई भी नया निर्माण न करने के निर्देश दिए।

गिरीश गैरोला
राश्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के द्वारा गठित अनुश्रवण समिति की टीम पूर्व जस्टिस यूसी ध्यानी के नेतृत्व में शनिवार को उत्तरकाशी पहुंचे । पूर्व जस्टिस श्री घ्यानी ने नमामि गंगे परियोजना के तहत निर्माण कार्यो  व ज्ञानसू व गंगोत्री में स्थिति एसटीपी का निरीक्षण करते हुए जायजा लिया। 

अनुश्रवण समिति की टीम ने एसटीपी ट्रीट प्लांट से सीवर उपचारित पानी व नल से पीने वाले पानी को वीकर में निकाला व तुलनात्मक परीक्षण किया। जिसमें बायोलोजिकल ऑक्सिजन डिमांड व कैमिकल ऑक्सीजन डिमांड मानकों के अनुरूप पाया गया। तथा एसटीपी से निकलने वाले उपचारित सलज को कुषल और प्रभावी ढंग निस्तारण को लेकर जिला प्रषासन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि गंगा नदी (भागीरथी) के 100 मीटर परिधि के अन्तर्गत किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य नहीं किया जाए इस हेतु विषेश मॉनिटरिंग करना सुनिष्चित किया जाए।


जिलाधिकारी डा.आषीश चौहान ने बताया कि नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत गंगा नदी में गिरने वाले 7 नालों को टेप किया गया हैं। तथा ज्ञानसू व कोटी गांव वाले छोटे नालों को भी शीघ्र ही टेप कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यमुनोत्री धाम में स्वच्छ ऑइकोनिक प्लसे के अन्तर्गत गेल कम्पनी के द्वारा निर्माण कार्य किए जा रहें है तथा गंगोत्री धाम में ओएनजीसी के द्वारा कार्य किए गए हैं। 

इससे पूर्व न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी ने जिला सभागार में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। न्यायमूर्ति श्री ध्यानी ने कहा कि गंगा की अवरिल धारा को अक्षुण बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी हैं। इसलिए किसी भी तरह की गन्दगी गंगा में प्रभावित न हो इसका विषेश ध्यान रखते हुए संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों व जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करें। 


इस दौरान अनुश्रवण समिति के प्रोफेसर एके काजमी, तकनीकि विषेशज्ञ डा. रघुवंषी, उप जिलाधिकारी देवेन्द्र नेगी, आकाष जोषी,अधिषासी अभियंता शशी राणा,ईई सिचाई सीवी सिलवाल, परियोजना निदेषक आरएस रावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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