डांट से नाराज़ होकर भागी थी 16 साल की किशोरी, दून पुलिस ने सीसीटीवी-टेक्नोलॉजी और जज़्बे से किया चमत्कार
देहरादून/मसूरी —
“मेरी बेटी वापस आ जाएगी, हमने कभी सोचा ही नहीं था…” कहते हुए एक पिता की आँखों में आंसू थे, मगर चेहरे पर राहत की चमक लौट आई थी।
मसूरी की सड़कों पर सोमवार को जो बेचैनी थी, वह मंगलवार को सुकून में बदल गई। महज़ 11 घंटे में दून पुलिस ने एक गुमशुदा नाबालिग लड़की को पंजाब से ढूंढ निकाला, जिसने परिजनों की उम्मीद ही नहीं, पूरी मसूरी को चैन की सांस दिला दी।
डांट से नाराज़ होकर छोड़ा घर
16 साल की यह किशोरी मामूली पारिवारिक झगड़े के बाद बिना बताए घर से निकल गई थी। घरवालों ने रिश्तेदारों, पड़ोसियों से लेकर हर जगह तलाश की, लेकिन लड़की का कोई सुराग नहीं मिला।
“हमने हर जगह पूछताछ की, मंदिरों में, बस अड्डे पर, मगर कोई पता नहीं चला…” लड़की के पिता की आवाज़ में खौफ साफ झलक रहा था।
पुलिस की फिल्मी स्टाइल खोजबीन
मामला मसूरी कोतवाली में दर्ज होते ही देहरादून एसएसपी के आदेश पर पुलिस टीम एक्टिव हो गई। टीम ने CCTV कैमरे खंगाले, हर फ्रेम में लड़की को तलाशा, और सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल कर दी।
इसी बीच एक सुराग मिला — लड़की पंजाब के मानसा ज़िले में देखी गई थी। पुलिस की टीम फौरन पंजाब रवाना हुई।
“हर मिनट कीमती था। हमें पता था, लड़की सुरक्षित होनी चाहिए…” एक पुलिस अधिकारी ने बताया।

ग्राम बरेटा में मिली दून की बेटी
पंजाब के बरेटा गांव में आखिरकार पुलिस को वो लड़की मिल गई, जिसके लिए देहरादून से लेकर पंजाब तक हर कोई बेचैन था। पुलिस ने उसे सुरक्षित बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया।
लड़की को गले लगाते हुए मां के आंसू थम नहीं रहे थे।
“दून पुलिस ने हमारी दुनिया वापस लौटा दी…” लड़की की मां ने कांपती आवाज़ में कहा।
11 घंटे में खुशहाल अंत
दून पुलिस की फुर्ती और टेक्नोलॉजी की मदद से एक परिवार बिखरने से बच गया। वही मसूरी, जहां कल मायूसी थी, आज राहत और आभार से सराबोर है।
कहते हैं — “पुलिस अगर ठान ले, तो कोई रास्ता बंद नहीं होता।”
