पर्यटन प्रदेश से कैसे और क्या उम्मीद करे? पिछले 10 वर्षो से चमोली जिले के औली पर्यटक स्थल के स्की ढाल बिना बर्फ के वीरान पड़े है | प्रकृतिक बर्फवारी नहीं मिली तो मशीन से बर्फ बनाने के लिए 6 करोड़ रु खर्च किए गए पर न तो मशीन ही चल सकी और न बर्फ बना सकी आज हालत ये है कि नेशनल विंटर गेम्स कि तिथि फिर बदलनी पड़ रही है बताते चले कि 11 फरवरी से औली मे ये गेम्स प्रसटियावित थे | ऐसे मे एक बार फिर पर्यटन विभाग के दावे फुस्स साबित हुए है |
हिमक्रीडा स्थली औली से संजय की रिपोर्ट
स्नो मेकिंग सिस्टम की नाकामयाबी का ठीकरा फिर फूटा औली की मेजबानी में होने वाले नेशनल विंटर गेम्स 2021पर,
बर्फ की कमी के चलते राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों की तिथियों में परिवर्तन, तय समय पर नही हो सकेंगे औली में प्रस्तावित नेशनल विंटर गेम्स 2021,करीब साढे 6करोड़ की लागत से सैफ विंटर गेम्स 2010 में लगी स्नो मेकिंग सिस्टम से नही बन सकी पर्याप्त बर्फ,10सालों से औली की स्लोप पर शो पीस बना है ये विदेशी स्नो मेकिंग सिस्टम,11फरवरी 20210से प्रस्तावित थे औली में नेशनल विंटर गेम्स,औली की नंदादेवी इंटरनेशनल स्कीइंग स्लोप पर कृत्रिम बर्फ बंनाने वाली स्नो गन मशीनें नही बना पा रही नेशनल विंटर गेम्स के लिए बर्फ,पर्यटन विभाग के अधिकारियों के द्वारा औली की स्लोप पर स्नो मेकिंग सिस्टम से विंटर गेम्स के लिए पर्याप्त मात्रा में बर्फ बनाने के दावे हुए पस्त,बर्फ की कमी के चलते टले औली की मेजबानी में होने वाले नेशनल विंटर गेम्स,
