⚔️ उत्तरकाशी – मेघनाथ-विलाप-हनुमान की उड़ान — मंच पर जीवंत हुआ रामायण का सबसे भावुक दृश्य
लदाड़ी, उत्तरकाशी — श्री आदर्श रामलीला समिति लदाड़ी के मंच पर मंगलवार की रात लक्ष्मण शक्ति लीला का ऐसा भावनात्मक मंचन हुआ कि दर्शक भावविभोर हो उठे।
हर संवाद, हर दृश्य में आस्था और अभिनय का अद्भुत संगम देखने को मिला।

🟥 जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा लदाड़ी! लक्ष्मण शक्ति लीला में उमड़ा श्रद्धा और भावनाओं का सागर
🌩️ लक्ष्मण-मेघनाथ संग्राम से कांपा मंच
शानदार प्रकाश और ध्वनि प्रभावों के बीच मेघनाथ और लक्ष्मण का भीषण युद्ध मंच पर जीवंत हो उठा।
मेघनाथ के शक्तिशाली बाण से जब लक्ष्मण भूमि पर मूर्छित हुए, तो पूरा पंडाल सन्नाटे में डूब गया — राम के करुण क्रंदन से वातावरण भावुक हो उठा।
🌿 हनुमान का संजीवनी मिशन — जयघोष से गूंज उठा मंच
सुषेन वैद्य के निर्देश पर हनुमान जब संजीवनी बूटी की खोज में हिमालय की ओर उड़े, तो दर्शकों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
रास्ते में कालनेमि राक्षस के वध और हिमालय पर्वत उठाने का दृश्य मंच पर ऐसा लगा मानो सचमुच आकाश थर्रा उठा हो।
संजीवनी के स्पर्श से जब लक्ष्मण को होश आया, तो पूरे पंडाल में “जय श्रीराम! जय बजरंगबली!” के गगनभेदी नारे गूंज उठे।
🌟 मुख्य अतिथि रहे भाजपा जिलाध्यक्ष नागेन्द्र चौहान और पूर्व विधायक विजयपाल सजवान
समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नागेन्द्र चौहान और पूर्व विधायक श्री विजयपाल सजवान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
दोनों अतिथियों ने कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा —
“रामलीला सिर्फ नाटक नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कार और एकता की पहचान है।”
💫 आस्था, अभिनय और उत्साह — तीनों का अद्भुत संगम
लदाड़ी की रामलीला ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि रामकथा सिर्फ मंच पर नहीं, दिलों में भी जीवित है।
रात देर तक दर्शक तालियों और जयघोषों के बीच भावुक दृश्य देखते रहे —
और अंत में हर किसी के होंठों पर बस एक ही नारा गूंजा —
“जय श्रीराम!” 🔥
