थानों में बदली तस्वीर! SSP दून के आदेश पर पुलिस ने उठाया झाड़ू, चलाया बड़ा स्वच्छता अभियान
हर रविवार एक घंटा श्रमदान अनिवार्य, थाना से शस्त्रागार तक चमक उठे पुलिस परिसर
✍️ असरदार शुरुआत:
जब वर्दी सिर्फ कानून नहीं,
अनुशासन और स्वच्छता का उदाहरण भी बने—
तो बदलाव साफ दिखाई देता है।
देहरादून में आज कुछ ऐसा ही नज़ारा दिखा,
जब पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के साथ झाड़ू भी उठाई।
🚨 SSP दून का साफ संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर
जनपद के सभी थाना और चौकियों में
स्वच्छता/सफाई अभियान चलाया गया।
आदेश साफ था—
हर रविवार, कम से कम 1 घंटा श्रमदान अनिवार्य।
🧹 थाना परिसर से हवालात तक सफाई
21 दिसंबर 2025 को
नगर और ग्रामीण क्षेत्र के
हर थाना-चौकी में पुलिसकर्मियों ने
खुद श्रमदान कर—
✔️ थाना परिसर
✔️ कर्मचारी बैरक
✔️ भोजनालय
✔️ कार्यालय
✔️ हवालात
✔️ अभिलेख और रजिस्टर
सब कुछ किया व्यवस्थित और स्वच्छ।
🔫 शस्त्रागार भी चमके
सिर्फ परिसर ही नहीं—
शस्त्रागार के असलहों की भी साफ-सफाई की गई।
यह संदेश साफ था—
पुलिस की व्यवस्था, हथियारों से लेकर फाइलों तक,
हर स्तर पर अनुशासित और दुरुस्त।
👮♂️ आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश
SSP दून ने
सभी पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारियों को
अचानक थानों और चौकियों के निरीक्षण के निर्देश दिए हैं,
ताकि यह अभियान
कागज़ों तक सीमित न रह जाए।
🌱 पुलिस बनेगी उदाहरण
यह अभियान सिर्फ सफाई नहीं—
कार्य संस्कृति में बदलाव का संकेत है।
जब पुलिस खुद अनुशासन अपनाती है,
तो समाज को भी संदेश जाता है।
✨ दमदार समापन:**
स्वच्छ थाना—सशक्त पुलिस।
जब वर्दी खुद झाड़ू उठाए,
तो भरोसा अपने आप चमक उठता है।
देहरादून पुलिस ने आज सिर्फ सफाई नहीं की—मिसाल पेश की।
