“धूल फांक रही फाइल से निकली राहत की खबर—देहरादून में खुलेंगी 28 नई सस्ता गल्ला दुकानें”

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📍मेरु रैबार प्रिंट मीडिया विशेष रिपोर्ट | 12 जून 2025, देहरादून


देहरादून:
जनता को भीषण गर्मी, सर्दी और बारिश में घंटों कतार में खड़ा होने से अब मिलेगी राहत। वर्षों से बंद फाइलों में दबी नई सस्ता गल्ला दुकानों की मांग पर आखिरकार जिलाधिकारी सविन बंसल ने संज्ञान लिया और पूर्ति विभाग के बहानों को दरकिनार करते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम दे दिया।

नतीजा?
धूल खा रही फाइलों में जान आई और जिला प्रशासन ने 28 नई राशन दुकानों के लिए टेन्डर प्रक्रिया शुरू कर दी। अब तक जिन शहरी मोहल्लों में “रहस्यमय कारणों” से नई दुकानें नहीं खुल रही थीं, वहां अब सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें खुलेंगी, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और वंचित वर्गों को बड़ी राहत मिलेगी।


🏪 ये मोहल्ले होंगे सीधे लाभान्वित

नगर निगम व नगर पालिका क्षेत्र के इन इलाकों में प्रस्तावित हैं नई दुकानें:

  • दीपनगर, डिफेंस कॉलोनी, बंजारावाला, ब्राह्मणवाला, ब्रह्मपुरी
  • नत्थुवाला, बालावाला, बारीघाट, दून विहार, अम्बेडकर चौक, आईडीपीएल
  • इंद्रानगर, आशुतोष नगर, लक्खीबाग, भारूवाला, कनाट प्लेस
  • बर्लोगंज, हरबंशवाला, नेहरूग्राम, डांडा लखौंड, गोविंदगढ़, विजयपार्क, चोयला/चंद्रबनी
    👉 कुल 28 लोकेशन को चिह्नित किया गया है।

🧾 आवेदन प्रक्रिया हुई शुरू, 15 जून अंतिम तिथि

ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
पहले आवेदन की अवधि 27 मई तक थी जिसे बढ़ाकर 15 जून 2025 कर दिया गया है।


📈 एक नज़र ज़िले के राशन कार्ड डाटा पर

  • कुल राशन कार्ड: 3,87,954
    • अंत्योदय अन्न योजना: 37,312
    • प्राथमिक परिवार: 2,19,827
    • राज्य खाद्य योजना: 1,30,815
  • सत्यापित कार्ड: 35,393
  • निरस्त कार्ड: 1,445

जिलाधिकारी ने जिलेभर में राशन कार्ड सत्यापन के लिए टीमें गठित करने के निर्देश भी दिए हैं।


🗣️ क्यों है यह कदम ऐतिहासिक?

➡️ भीड़ में घंटों लगने वाली लाइनों से निजात
➡️ वंचित मोहल्लों तक पहुंचेंगी सरकारी सुविधाएं
➡️ रोज़मर्रा की ज़रूरतों में मिलेगा बड़ा आराम
➡️ महिलाओं और बुजुर्गों को घर के पास राशन उपलब्ध
➡️ पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में मजबूत कदम


🔚 निष्कर्ष:

जिलाधिकारी सविन बंसल के सक्रिय हस्तक्षेप से वर्षों से ठंडी पड़ी व्यवस्था में जान आई है। यह केवल टेंडर प्रक्रिया नहीं, बल्कि जन सुविधा के लिए प्रशासनिक इच्छाशक्ति का उदाहरण है।
अब जनता को राहत भी मिलेगी और भरोसा भी।

📌 Meru Raibar Print Mediaजन जन की बात, जमीनी सच्चाई के साथ।


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