डीएम जन दर्शन बना असहायों की आशा की किरण, एक के बाद एक जनहित में सख्त फैसले
विधवा सीमा को मिला न्याय का भरोसा, बैंक प्रबंधन पर चला प्रशासनिक डंडा
देहरादून, 10 जून 2025
देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल एक बार फिर चर्चा में हैं। अपने सख्त लेकिन संवेदनशील फैसलों के लिए जाने जाने वाले डीएम बंसल का जन दर्शन कार्यक्रम आज फिर एक पीड़ित के लिए न्याय की नई उम्मीद लेकर आया।

बीते एक वर्ष से न्याय की गुहार लगा रही सीमा गुप्ता, जिनके पति की मृत्यु 15 मई 2024 को हो गई थी, जन दर्शन में अपनी पीड़ा लेकर पहुँचीं। उनके दिवंगत पति ने डीसीबी प्रा.लि. बैंक से ₹15.50 लाख का ऋण लिया था, जो ICICI Lombard बीमा के अंतर्गत कवर था। लेकिन दुर्भाग्यवश पति की मृत्यु के बाद बैंक ने किस्त लेना बंद कर दिया और बीमा कंपनी ने भी क्लेम देने से इनकार कर दिया।

सीमा की इस पीड़ा को सुनते ही डीएम सविन बंसल ने अपने चिर-परिचित अंदाज में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने संबंधित बैंक प्रबंधक को व्यक्तिगत रूप से जन दर्शन में उपस्थित होने के लिए तलब किया और कहा:
“अगर सीमा को 16 जून तक उसका अधिकार नहीं मिला, तो बैंक का पूरा व्यापार बंद करवा देंगे!”
बैंक प्रबंधक द्वारा टालमटोल रवैया दिखाने और समस्या का समाधान न करने पर डीएम ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सीधे ₹17.05 लाख की आरसी (वसूली प्रमाण पत्र) बैंक प्रबंधन के विरुद्ध जारी करने का आदेश दिया। जिला प्रशासन ने 9 जून को यह आरसी जारी करते हुए बैंक को 16 जून तक राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
✅ जनहित में प्रशासन का सख्त रुख,
✅ एक विधवा को मिला न्याय का मार्ग,
✅ बैंकिंग सिस्टम को मिली स्पष्ट चेतावनी – जनहित सर्वोपरि।
Meru Raibar जनता की आवाज, प्रशासन की पारदर्शिता और न्याय की मजबूती के लिए ऐसे प्रयासों को सलाम करता है। जन दर्शन जैसे मंच जब पीड़ितों के लिए न्याय का द्वार बनते हैं, तो यकीन होता है – सिस्टम अब बदल रहा है।
रिपोर्ट: Meru Raibar संवाददाता | स्थान: देहरादून
