गांधी के नाम पर अतिरिक्त रॉयल्टी – 7 जुलाई से क्यों कार्य बहिष्कार पर प्रदेश के प्रधान?

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ग्राम प्रधानों ने विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु डीएम को सौंपा ज्ञापन, मांगे न मानने पर 7 जुलाई से कार्य बहिष्कार का ऐलान।

ग्राम प्रधान संगठन थौलधार के शिष्टमंडल ने आज संगठन अध्यक्ष रविन्द्र सिंह राणा के नेतृत्व में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को मनरेगा कार्यों व अन्य विकास कार्यों में आ रही दिक्कतों के सम्बन्ध में ज्ञापन देकर अवगत कराया ၊

ग्राम प्रधानों ने कहा कि मनरेगा में रेत पर 154 रुपये प्रति घनमीटर रॉयल्टी ली जा रही है, जबकि रेत और रोड़ी ग्राम पंचायतें अपने खेतों से ही निकालती है फिर भी सरकार अनावश्यक रूप से रॉयल्टी ले रही है जो की अनुचित है। जबकि अन्य विभागों में यह 110 रूपये प्रति घन मीटर है ၊ मनरेगा में पक्के कार्यो हेतु 45 प्रतिशत रनिंग भुगतान दिलाये जाने ,कुशल श्रमिको के पारिश्रमिक का भुगतान मनरेगा श्रमिकों के साथ ही करने , ग्राम प्रधानो को कोरोना वॉरियर घोषित करने , मनरेगा में प्रवासियों की गांवों में बढ़ती संख्या को देखते हुये प्रति जॉब कार्ड दो सौ दिन का रोजगार दिलाए जाने, ग्राम प्रधानों का मानदेय बीस हजार प्रतिमाह करने तथा बीपीएल व अंत्योदय कार्डों का सर्वे ,सत्यापन पुनः कराये जाने की मांग की, साथ ही विभिन्न ग्राम पंचायतों से जिला मुख्यालय पहुंचे ग्राम प्रधानों ने अपनी अपनी पंचायतों से संबंधित समस्याओं से भी रू ब रू कराया।

ग्राम प्रधानों ने कहा कि अगर सरकार उनकी इं जायज मांगों पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं करती है, तो उन्हें आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रधान संगठन अध्यक्ष रविन्द्र राणा , प्रधान धनपाल कठैत ,मुकेश रावत , देवचंद रमोला , मोहन नेगी , संदीप रावत , गब्बर सिंह नेगी , संगीता रावत , सुशीला चौहान , सुमेर राणा , महावीर चौहान, विनीता देवी आदि उपस्थित रहे ၊

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