कॉंग्रेस के किशोर उपाध्याय पर आप के बाद अब बीजेपी की नजर ?

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प्रदेश काँग्रेस मे एका करने के सार प्रयास बिफल होने के बाद पूर्व पीसीसी चीफ़ किशोर उपाध्याय अब वनधिकार कानून को लेकर एक बार फिर जनता के बीच मे है | एक दौर मे राजीव गांधी परिवार से निकटता रखने वाले किशोर को प्रदेश कॉंग्रेस ने हसिए पर ला  कर रख दिया है,  इसी बीच कभी आम आदमी पार्टी तो कभी बीजेपी मे किशोर के जाने की अटकले भी राजनैतिक गलियारो मे खूब  चर्चा मे रही | उत्तरकाशी जिले मे अपने निजी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारो से बातचीत करते हुए किशोर उपाध्याय ने सभी अटकलो पर विराम लगाते हुए आम आदमी पार्टी पर जमकर तंज़ कसा तो वही वन अधिकार अधिनियम 2006 को लेकर बीजेपी के साथ कॉंग्रेस पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए | महिलाओ को 40 प्रतिशत आरक्षण देने के बयान से एक और कदम आगे बढ़ाते  हुए किशोर ने उत्तराखंड मे सभी 70 विधान सभा सीट पर महिला प्रत्यासी उतारने का सुझाव दिया है |  

बीजेपी के लिए टिहरी मे पारस साबित हो सकते है किशोर ?

पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि राज्य के लोगों को वर्ष 2006 के वनाधिकार कानून का पूर्ण लाभ नहीं मिल रहा है। जंगल के ‌बीच में रहने वाले लोगों के सारे के सारे पुश्तैनी हक-हकूक वापस होने चाहिए। उपाध्याय ने प्रदेश की सभी विधान सभा सीटो पर महिलाओ को मौका दिए जाने की बात भी कही।

उत्तराखंड के सभों 70 विधानसभाओ मे महिला प्रत्यासी उतारने का सुझाव ?


गुरुवार को लोनिवि गेस्ट हाउस में पत्रकार से बातचीत के दौरान किशोर उपाध्याय ने कहा कि  जब वह पीसीसी के अध्यक्ष थे तो तत्कालीन सीएम हरीश रावत और प्रभारी अंबिका सोनी को सभी 70 सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारने का भी सुझाव दिया था। राज्य की सभी 70 विधानसभा सीटों पर महिलाओं को चुनाव लड़ने का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बेटी, बहू और मां घर को अच्छे ढंग से चला सकती हैं तो क्या वह प्रदेश या सरकार को नहीं चला सकती हैं। कहा कि राज्य की सभी सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारने के संबंध में अन्य दलों भी बात करके नई शुरुआत की जानी चाहिए। वनाधिकार की मुहिम चला रहे पूर्व  पीसीसी अध्यक्ष ने वर्ष 2006 के वनाधिकार कानून में जंगल के ‌बीच में रहने वाले लोगों के सारे के सारे पुश्तैनी हक-हकूक वापस करने की मांग की। कानून में परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पूरे राज्य को ओबीसी में शामिल करने और निशुल्क बिजली व पानी की सुविधा देने की मांग की। उपाध्याय ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री को भी पत्र लिखा है। इस मौके पर शहर अध्यक्ष दिनेश गौड़, शांति ठाकुर, बिजेंद्र नौटियाल, टिहरी शहर अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल, भूपेश कुड़ियाल, संतोष कुमार, रविंद पंवार, शीशपाल पोखरियाल, हरीश राणा आदि मौजूद रहे।

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