उत्तरकाशी में विवाहिता की संदिग्ध अवस्था में जलने के बाद मौत के मामले में उत्तरकाशी पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया और कोरोना पोसिटिव पाए जाने के बाद आरोपी पति को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया है। मृतक विवाहिता के पिता धर्म प्रकाश पुरी ने पूरे मामले में पुलिस पर दबाव में कार्यवाही करने का आरोप लगाया है,
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी पति जिला अस्पताल में कॉविड सेंटर में काम करने से पूर्व आपरेशन थियेटर में भी 8 -10 साल काम कर चुका है, लिहाजा इसका पूरा फायदा उठाते हुए उसे कोरोना पॉजिटिव दिखाकर गिरफ्तारी से बचाने का प्रयास किया गया है, उन्होंने हैरानी जताई है कि इसी तरह के अन्य मामलों में पॉजिटिव केस मिलने पर तत्काल परिजनों के साथ कॉन्ट्रैक्ट हिस्ट्री वाले लोगों को भी टेस्ट कराए जाते हैं, जबकि ऐसा इस मामले में आरोपी के परिवार के साथ नहीं किया गया। मृतका के पिता धर्म प्रकाश पुरी ने बताया कि घटना वाले दिन 2 जुलाई दोपहर 2:00 बजे उनकी अपनी बेटी से वीडियो कॉल हुई थी जिसमें उसके चेहरे पर मारने से चोट के निशान साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे और बेटी ने बताया था कि उसके साथ मारपीट की गई है, उसी दिन शाम 7:00 बजे बेटी के जलने की सूचना उसके पति द्वारा नहीं दी गई , उन्हें किसी अन्य के द्वारा सूचना मिली जिसके बाद वह अस्पताल पहुंचे थे उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी पति द्वारा इस घटना पर बार-बार अपने बयान बदले जा रहे हैं जो की घटना और परिस्थितियों के अनुकूल फिट नहीं बैठते हैं।
इस संदर्भ में जांच अधिकारी सीओ उत्तरकाशी दीवान सिंह ने बताया कि 21 जुलाई को आरोपी हेमराज कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है किंतु उसके कोरोना। पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में पुलिस कस्टडी में रखा गया है । कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुसार निर्धारित अवधि पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेजा जाएगा । आरोपी पति के परिजनों के कोरोना टेस्ट नहीं किए जाने के संबंध में सीओ दीवान सिंह ने बताया आरोपी की भाबी सहित अन्य परिजनों को भी जांच के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है और उनकी जांच रिपोर्ट के अनुसार ही कार्यवाही की जाएगी । सीओ ने स्वीकार किया कि आरोपी पति दीवान हेमराज पवार के बदलते बयान परिस्थितियों के अनुसार मैच नहीं होते हैं हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ जा सकता है।
