देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने भारतीय जनता पार्टी की उत्तराखंड शाखा के अध्यक्ष बंशीधर भगत के उस दावे को मुंगेरीलाल के हसीन सपने बताया है जिसमें उन्होंने 2022 के होने वाले राज्य के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वर्तमान 57 विधानसभा सीटों की बजाय 65 विधानसभा सीटंे जीतने का दावा किया किया है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि आज जिस तरह से भाजपा के राज में बेरोजगारी के रिकार्डों में उत्तराखंड देश में पहले नंबर पर आ गया है। उससे स्पष्ट है कि राज्य की नौजवान पीढ़ी तो बेरोजगारी से त्रस्त होकर भाजपा के खिलाफ वोट देने का इरादा बनाई चुकी है जो उनके लाखों अभिभावक भी 2022 के मतदान के दिन का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना के मोर्चे पर राज्य सरकार पूरी तरह विफल हो गई है। जहां मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साल की शुरुआत में दावा किया था कि राज्य में 25000 से ज्यादा कोरो ना के मरीज नहीं होंगे वही आंकड़ा धीरे-धीरे एक लाख की तरफ बढ़ रहा है। राज्य में बीमार लोगों के लिए अस्पतालों में जगह नहीं रह गई है और बजाएं सही लोगों की सही स्थानों पर नियुक्ति के तबादलों को सरकार ने उद्योग धंधों का दर्जा दे दिया है। उन्होंने देवभूमि में पुरोहितों की उपेक्षा कर जिस तरह से देवभूमि बोर्ड का गठन किया है उससे राज्य का पूरा धार्मिक ढांचा ही चरमा गया है ।राज्य की राजधानी गैरसैंण की हवाई घोषणा के बाद स्मार्ट सिटी के नाम पर शहीद स्मारको को तोड़ा जाना और इसी प्रकार चार धाम सड़क के नाम पर ऋषिकेश में शहीद स्मारक को तोड़ा जाना,, राज्य के आंदोलनकारियों का 4 साल में जरा भी सुनवाई ना करना यह साफ दर्शाता है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ,अहंकारग्रस्त सरकार राज्य में किसी के योगदान को भी मानने या सम्मान देने के लिए तैयार नहीं है ।उन्होंने कहा कि बंशीधर भगत यदि मुगालते में हो तो जल्दी से सल्ट विधानसभा का उपचुनाव करा लें दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। धीरेंद्र प्रताप ने दावा किया यह चुनाव ही भाजपा के लिए एसिड टेस्ट साबित हो जाएगा और भाजपा को मुंह की खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के उत्तराखंड दौरे से राज्य में कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है और जब भी चुनाव होंगे भाजपा का सूपड़ा साफ होना और उसका जहाज का डूबना तय है।
