“जहाँ पानी बना कहर, वहीं प्रशासन बना ढाल”
देहरादून/प्रिंस चौक —
तेज बारिश, सड़कों पर उमड़ा पानी, और रुकती ज़िंदगी। देहरादून का प्रिंस चौक आज जलभराव में डूबता नजर आ रहा था। मगर जैसे ही खतरे की घंटी बजी, जिला प्रशासन की क्यूआरटी टीम एक्शन मोड में आ गई।
चंद घंटों में पानी का सैलाब छंट गया। लोग राहत की सांस लेने लगे।

बरसात से हारी नहीं, लड़ी क्यूआरटी!
“पानी कमर तक चढ़ने लगा था… लगा सब बंद हो जाएगा,” एक दुकानदार ने घबराई आवाज़ में कहा।
लेकिन तभी नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह की अगुवाई में क्यूआरटी टीम मौके पर पहुँची। जहाँ सीवर चोक था, वहाँ जेसीबी और सफाई कर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया।
डीएम के सख्त आदेश — ‘पानी की एक बूँद भी न रुके!’
जिलाधिकारी सविन बंसल पहले ही चेतावनी दे चुके थे —
“मानसून में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं। जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए।”
इसी के चलते नगर निगम, सिंचाई विभाग और पीडब्ल्यूडी समेत तमाम विभागों की क्यूआरटी टीमें 24×7 अलर्ट पर हैं।
हर नाला, हर गली पर नजर
डीएम ने साफ कहा है —
“जिस जगह पानी रुके, वहीं समाधान खड़ा होना चाहिए।”
इसी मिशन पर निकलीं टीमें नालों की सफाई, चोकिंग का पता लगाना और तत्काल निकासी जैसे काम कर रही हैं।
लोगों ने दी राहत की दुआएं
प्रिंस चौक के एक टैक्सी चालक ने कहा —
“अगर वक्त पर क्यूआरटी न आती, तो सड़क नदी बन जाती। ट्रैफिक फंस जाता और दुकानें डूब जातीं।”
बारिश रुकती नहीं… पर कोशिशें भी थमती नहीं।
देहरादून के लोग आज एक ही बात कह रहे हैं —
“अगर प्रशासन ऐसे ही मुस्तैद रहा, तो बारिश किसी आफत से कम नहीं… पर हरा भी नहीं सकती!”
याद रखिए — “जहाँ समस्या खड़ी हो, वहीं समाधान भी खड़ा होना चाहिए!”
