देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शान्ति तथा शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। राजनीति, वित्त, विधि आदि क्षेत्रों के वे विशेषज्ञ थे। अपने लम्बे सार्वजनिक व राजनीतिक जीवन में उन्होंने गहरी छाप छोड़ी है। वे कुशल प्रशासक और भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष थे। स्वर्गीय मुखर्जी जी का देवभूमि उत्तराखंड के प्रति गहरा लगाव था। जब वे राष्ट्रपति थे तो उन्होंने उत्तराखण्ड विधानसभा को सम्बोधित किया था।
उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भी भारत के 13वें राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि प्रणब मुखर्जी का हम लोगों के बीच से जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि उनके निधन से देश ने एक ऎसे नेता को खो दिया है जो हमेशा समाज में जमीनी स्तर से जुड़े रहे।वो बहुत कुशाग्र थे और उन्होंने पूरी तन्मयता के साथ विभिन्न पदों पर रहते हुए देश की सेवा की है।वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे साहित्यिक दक्षता, पत्रकारिता,असाधारण विवेक के धनी, एक राजनीतिज्ञ, सौम्य और मिलनसार स्वभाव के कारण राजनीतिक क्षेत्र में वे सर्वप्रिय थे।उन्होंने हमारे राष्ट्र के विकास पथ पर एक अमिट छाप छोड़ी है। विधानसभा अध्यक्ष ने भगवान से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना करते हुए उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
