देहरादून में दवाओं का काला खेल! मेडिकल स्टोर पर ताले, इंसुलिन-नारकोटिक्स तक में धांधली

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  • “Safe Drugs, Safe Life” अभियान में बड़ा खुलासा
  • एक्सपायर दवाइयों से मरीजों की जान पर खतरा
  • ड्रग विभाग की टीम ने एक के बाद एक बंद कराए स्टोर

💥 ओपनिंग

“इंसुलिन की शीशियों में छुपी मौत, दवाइयों के डिब्बों में सड़ी धूल, और कागजों पर लापता बिल… देहरादून की सड़कों पर जब औषधि निरीक्षण की टीम उतरी, तो मेडिकल स्टोर दर मेडिकल स्टोर बंद होते चले गए। मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे वो स्टोर, जिन पर भरोसा करती है पूरी जनता!”


📜 मुख्य कहानी (Body):

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल और जिला न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल के आदेश पर आज देहरादून में चला “Safe Drugs: Safe Life” अभियान। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती सीमा डुँगराकोटी के नेतृत्व में ड्रग विभाग की टीम ने रायपुर इलाके के दर्जनों मेडिकल स्टोर पर छापा मारा।

औषधि निरीक्षक मनेन्द्र सिंह राणा ने कहा –

“लोगों की जान बचाना हमारी जिम्मेदारी है। मेडिकल स्टोर में गंदगी और एक्सपायर दवाइयाँ मिलना बेहद गंभीर मामला है। कार्रवाई जारी रहेगी।”


कपूर मेडिकोज पर ताला!

  • प्रो. गुरुशरण सिंह गायब, फार्मासिस्ट भी नहीं मिला।
  • फ्रिज में एक्सपायर इंसुलिन, तापमान डिस्प्ले ही नहीं।
  • नारकोटिक्स दवाओं की बिक्री में गड़बड़झाला, बिलों में गड़बड़ी।
  • स्टोर सील, एक्सपायर दवाएं जब्त।

🩸 कपूर मेडिकल भी लपेटे में!

  • प्रो. अमरजीत सिंह मौजूद, लेकिन फार्मासिस्ट नदारद।
  • फ्रिज में सड़ी इंसुलिन, एक्सपायर दवाओं का ढेर।
  • बिना होलसेल लाइसेंस, धड़ल्ले से रिटेल-होलसेल का खेल।
  • दुकान पर ताला, जांच जारी।

लक्ष्य मेडिकोज पर भी शिकंजा

  • प्रो. निधि कुकरेती और फार्मासिस्ट दोनों गायब
  • एक्सपायर दवाओं का कोई रजिस्टर नहीं।
  • स्टोर बंद, कार्रवाई शुरू।

🥃 ओम फार्मेसी में शराब की बोतलें!

  • प्रो. कपिल शर्मा मौजूद।
  • मेडिकल स्टोर में मिलीं शराब की 4 बोतलें
  • फ्रिज का तापमान गड़बड़, वैक्सीन खराब।
  • “हम एक्सपायर दवाएँ जला देते हैं,” – बिना रिकॉर्ड के कबूलनामा!
  • स्टोर सील।

🛑 भण्डारी फॉर्मेसी पर गाज

  • प्रो. दिव्या रावत और फार्मासिस्ट दोनों गायब
  • एक्सपायर दवाएँ, बिल गायब।
  • मेडिकल स्टोर में खाने की चीजें भी बिक रहीं – कानूनी अपराध!
  • दुकान बंद।

💊 वैलनेस मेडिकल की पोल खुली

  • अमन कुमार मौजूद, लेकिन फार्मासिस्ट नहीं।
  • नारकोटिक्स दवाओं का बिना रिकॉर्ड विक्रय।
  • CCTV नदारद।
  • स्टोर सील।

शिवालिक मेडिकोज में सरकारी दवाएँ भी मिलीं

  • प्रो. गौरव सकलानी मौजूद।
  • एक्सपायर दवाएँ और सरकारी “Not for Sale” दवाएँ मिलीं।
  • CCTV नदारद।
  • दुकान पर ताला।

💬 इमोशनल एंगल / लोकल कलर

रायपुर के एक स्थानीय निवासी, अनुराग बिष्ट ने कहा –

“हमें यकीन ही नहीं होता कि जिन दुकानों पर रोज़ दवाएँ खरीदते थे, वहीं मौत बिक रही थी। ये तो लोगों की जान से खिलवाड़ है!”


🔥 क्लोजिंग लाइन

“देहरादून की गलियों में दवाओं के नाम पर जहर परोसा जा रहा था। ‘सेफ ड्रग्स, सेफ लाइफ’ का नारा अब सिर्फ नारा नहीं, ज़रूरत है… क्योंकि दवाएँ जिंदगी भी देती हैं… और मौत भी।”


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