🚨 “सरेराह गुंडई पर दून पुलिस का कहर!”
देहरादून।
सड़क पर फिल्मी स्टाइल में गुंडई करने वालों को दून पुलिस ने घुटनों पर ला दिया!
बसंत विहार में मामूली गाड़ी टकराने के विवाद ने ऐसा खूनी मोड़ लिया कि दो युवकों की जान पर बन आई। लेकिन पुलिस की फुर्ती ने आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

रात का कहर – सड़क पर चलीं लाठियां, बरसे पत्थर
5 जुलाई की रात थी। दीपांकर सिंह अपनी गाड़ी UP11CM-9909 से रिश्तेदार को छोड़ने बसंत विहार जा रहे थे।
ITBP गेट से महज सौ कदम आगे अचानक एक वर्ना कार (UK07FB-0200) और लाल बुलेट बाइक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी।
“गाड़ी रुकते ही वो लोग उतरे… और हमें गालियां देने लगे। फिर लाठी, डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। मेरे भाई को वो लोग मरा समझकर छोड़कर भाग गए।”
— दीपांकर सिंह, पीड़ित
गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
घटना के बाद बसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर इंस्पेक्टर दुर्गेश कोठियाल के नेतृत्व में पुलिस टीम बनी।
सिर्फ 24 घंटे के भीतर दो शातिर आरोपी — कबीर मलिक और सिद्धार्थ शर्मा — को अलग-अलग ठिकानों से दबोच लिया गया।
दोनों गिरफ्तार आरोपी पहले भी मारपीट और क्रिमिनल केसों में लिप्त रह चुके हैं।
कौन हैं ये ‘दबंग’?
- सिद्धार्थ शर्मा (19) — संगम विहार, जीएमएस रोड, देहरादून।
चार मुकदमे दर्ज, मारपीट, हत्या की कोशिश और झगड़ों का लंबा इतिहास। - कबीर मलिक (23) — कांवली गांव, देहरादून।
कई मुकदमे, झगड़े, मारपीट, और धमकियों का आरोपी।
पुलिस ने दिया सख्त संदेश
एसएसपी देहरादून ने साफ कहा —
“सरेराह गुंडई करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कानून सब पर एक समान चलेगा। बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।”
सवाल वही – शहर की सड़कों पर आखिर कब थमेगा खौफ?
इस घटना ने फिर साबित कर दिया कि कुछ लोगों के लिए सड़कें जंग का मैदान बन गई हैं।
कबीर और सिद्धार्थ जैसे गुंडों की हिम्मत पुलिस ने तोड़ दी, लेकिन सवाल वही है — क्या हमारी सड़कें अब भी महफूज हैं?
“दून पुलिस ने बता दिया — कानून के आगे किसी की गुंडई नहीं चलेगी।”
“क्योंकि जुर्म कोई भी हो — अंत में जीत कानून की ही होती है।”
