ब्रेकिंग: कांवड़ मेला 2025 पर उत्तराखंड पुलिस का सख्त एक्शन प्लान!

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DGP दीपम सेठ बोले: “श्रद्धा की राह में सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी”

📍 देहरादून | 25 जून 2025
कांवड़ मेला 2025 की धड़कनें तेज हो चुकी हैं… और अब इस विराट आयोजन को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने कमर कस ली है। देहरादून के पटेल भवन सभागार में हुई उच्चस्तरीय पुलिस गोष्ठी में डीजीपी दीपम सेठ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा — “श्रद्धालुओं की आस्था के साथ कोई समझौता नहीं होगा, सुरक्षा सर्वोपरि है।”


🚨 सुरक्षा में कोई चूक नहीं!

डीजीपी सेठ ने साफ किया — कांवड़ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनसैलाब की परीक्षा है।
अधिकारियों को दिए गए निर्देशों में शामिल हैं:

🔹 संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती
🔹 बम डिस्पोजल यूनिट और ATS की निगरानी
🔹 महिला सुरक्षा को प्राथमिकता

“श्रद्धालुओं की हर सांस हमारी जिम्मेदारी है,” — डीजीपी दीपम सेठ


🛣️ यातायात से लेकर ड्रोन तक – हाईटेक तैयारी

ट्रैफिक प्लान, वैकल्पिक मार्ग, अस्थायी चौकियां और मोबाइल पेट्रोलिंग की व्यवस्था होगी।
ड्रोन और CCTV से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की चेतावनी दी गई।


🤝 जनता और प्रशासन का साझा प्रयास

मेला स्थलों पर पेयजल, चिकित्सा, शौचालय, धर्मशालाएं और रात्रि विश्राम की व्यवस्थाएं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से होंगी।
हरिद्वार की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए वैकल्पिक घाटों को भी प्रचारित किया जाएगा।

“ये सिर्फ मेला नहीं, उत्तराखंड की गरिमा है,” — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी


⚠️ सख्ती भी जरूरी – अफवाह, शराब, मांस पर रोक

मेला क्षेत्र में शराब, मांस और नशे के पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
असामाजिक और सांप्रदायिक तत्वों की सख्त निगरानी की जाएगी।


🛑 संदेश साफ है – श्रद्धा के मार्ग में कोई खलल नहीं

हरकी पैड़ी, नीलकंठ, रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर कड़ा पहरा, मॉक ड्रिल और QRT टीमें तैयार रहेंगी।
राज्यों के बीच समन्वय और SOP के पालन से किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है।


🔚 एक आखिरी बात…

कांवड़ मेला सिर्फ एक यात्रा नहीं — यह आस्था, विश्वास और अनुशासन की परीक्षा है।
और जब उत्तराखंड पुलिस सेवा, समर्पण और सतर्कता के साथ मैदान में हो…
तो भरोसा रखिए,
“हर कांवड़िए की सुरक्षित यात्रा भगवान शिव की कृपा और पुलिस की मुस्तैदी दोनों से सुनिश्चित होगी।”


अगर आप चाहते हैं कि आपकी श्रद्धा का उत्सव बन जाए स्मरणीय और सुरक्षित, तो इस योजना का सम्मान करें, सहयोग करें — और आगे बढ़ें सच्ची आस्था के साथ।


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