सर्वाइकल कैंसर से जंग: जनपद में 14 साल की किशोरियों के लिए बड़ा टीकाकरण अभियान
[स्पेशल रिपोर्ट]
क्या आप जानते हैं…
एक छोटी-सी लापरवाही, ज़िंदगी भर का दर्द बन सकती है — और एक समय पर लगाया गया टीका, ज़िंदगी बचा सकता है।
🔴 सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ बड़ा कदम
जनपद में सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए प्रशासन ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। 14 वर्ष की किशोरियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। इस अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की अहम बैठक आयोजित की गई।
🩺 “HPV वायरस है सबसे बड़ा कारण” – CMO
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा:
“सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है।
इससे बचाव का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका टीकाकरण है।”
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जनपद की 14 वर्ष आयु की 3435 किशोरियों को एक बार का टीका लगाया जाएगा, जो जनपद की कुल जनसंख्या का लगभग 1% है।
🗓️ 26 जनवरी से होगा राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च
यह अभियान 26 जनवरी को राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च होगा।
👉 पहले चरण में
- जिला चिकित्सालय
- सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
पर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके लिए तीन माह का माइक्रो प्लान पहले ही तैयार कर लिया गया है।
🏫 स्कूलों और आंगनवाड़ियों की होगी बड़ी भूमिका
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- शिक्षा विभाग पात्र किशोरियों की सूची तैयार करे
- पीटीएम के ज़रिए अभिभावकों को जागरूक किया जाए
- बाल विकास विभाग आंगनवाड़ी केंद्रों से अभियान को मजबूती दे
“बिना जागरूकता के कोई अभियान सफल नहीं होता” — डीएम प्रशांत आर्य
📞 टीकाकरण के बाद भी निगरानी
- परिजनों के संपर्क नंबर सुरक्षित रखने के निर्देश
- किशोरियों की नियमित मॉनिटरिंग
- आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में BP, शुगर और अन्य जांच नियमित
स्वास्थ्य विभाग को हर स्तर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
👥 बैठक में स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सक्रिय
बैठक में
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी,
सभी घाटियों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी,
NHM, IEC और ब्लॉक स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
यमुना घाटी के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
⚠️ क्यों ज़रूरी है यह अभियान?
क्योंकि…
- सर्वाइकल कैंसर धीरे-धीरे, चुपचाप जान लेता है
- समय पर टीकाकरण से इस खतरे को रोका जा सकता है
- आज की किशोरी… कल की माँ है
🔚 अंत में एक सवाल…
अगर एक टीका आपकी बेटी को ज़िंदगी भर की पीड़ा से बचा सकता है —
तो क्या हम अब भी देर करेंगे?
🩷 जागरूक बनिए, सुरक्षित रहिए… क्योंकि बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है।
