ऋषि गंगा में आई हिम सुनामी में भारत चीन सीमा को जोड़ने वाला सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण जोशीमठ – मलारी हाई वे पर रेंणी में बना 90 मीटर लम्बा मोटर पुल बह जाने से आज 11वें दिन भी शिवालिक प्रॉजेक्ट BRO के टीम युद्ध स्तर पर हाई वे पर मलवा हटाने और मोटर पुल सड़क बनाने में जुटी है| 200 मजदूर और 8 मशीनें और तकनीकी स्टाफ रेंणी में ऋषि गंगा पर पुल निर्माण कर मलारी हाई वे को सुचारु करने में जुटे है,ऋषिगंगा त्रासदी में बहे 90मीटर के इस मुख्य मोटर ब्रिज के टूटने से चीन तिब्बत सीमा पर सेना की आवाजाही भी थम गयी है
लाता, सुराईथोठा, तोलमा, सुकी,भल गाँव,लोंग- तमक,रैंणी पल्ली, पेंग,मुरण्डा,और फागती, का संपर्क शेष दुनिया से कटा हुआ है,यही नही पुल टूटने से तिब्बत चीन सीमा पर सेना की आवाजाही भी बाधित है,ऐसे में ऋषि गंगा के उपर रैणी में वैली ब्रिज बनाने का निर्माण बीआरओ द्रुतगति से कर रहा है | BRO नें यहाँ पुल के लिए दीवार तैयार कर एप्रोच वायर बिछा दी है,साथ ही बाढ़ से बंद हुए हाई वे को खोलने का काम भी जारी है | BRO की 200 से अधिक मजदूर और 7 पोक् लैंड मशीन, 4 बुलडोजर ,के साथ करीब डेढ़ करोड़ की लागत से आई रॉक ब्रेकर मशीनें लगी है,और 10 तकनीकी स्टाफ औरअधिकारी कर्मचारी मौके पर है,दिन रात इस हाई वे पर पुल निर्माण कार्य पर जुटीं है, BRO के सूत्रों ने बताया कि जल्द ही मलारी हाई वे पर आवाजाही सुचारु हो जाएगी |
