चमोली – शिक्षकों ने पेश की मिसाल- एंड्राइड फोन न होने पर गरीब बच्चों के घर जाकर चेक किया होमवर्क।

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शिक्षकों ने घर घर जाकर किया स्कूली बच्चों के कार्यो की जांच

कोरोना महामारी के दौरान सरकारी आदेशों को धरातल में उतारने में हो रही मुश्किल को देखते हुए चमोली के शिक्षकों ने खुद की पहल पर गरीब बच्चों के घर जाकर न सिर्फ उन्हें होमवर्क दिया बल्कि समय-समय पर इसे चेक करने की बात भी कही। शिक्षकों की इस पहल से समाज में गुरुओं के प्रति आदर सम्मान का भाव बढ़ गया है। दरअसल महामारी के दौरान कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लंबे समय से स्कूल कॉलेज बंद है और ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है ग्रामीण परिवेश के जिन बच्चों के पास एंड्राइड मोबाइल फोन और इंटरनेट कनेक्शन नहीं है उन लोगों की समस्याओं को शिक्षकों ने अपने स्तर से सुलझाने का प्रयास किया है।

गिरीश चंदोला

कोरोना वैश्विक महामारी के चलते प्रदेश के सभी विद्यालय बंद हैं .वही बच्चों के पठन-पाठन ऑनलाइन चल रहे हैं. प्रदेश में ऐसी भी गरीब तबके के बच्चे हैं जिनके पास एंड्रॉयड फोन नहीं है वह बच्चे अपना स्कूली कार्य नहीं कर पा रहे हैं।

थराली विकासखंड के शहीद भवानी दत्त स्मारक इंटर कॉलेज के अध्यापकों ने एक पहल शुरू की है. अपने स्कूली बच्चों को घर-घर जाकर उनके कार्यों की जांच की जा रही है

प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने 3 जुलाई से 6 जुलाई तक बच्चों के कार्यों की जांच की है एवं जो बच्चा आर्थिक रूप से कमजोर है. उन बच्चों को नोट्स के माध्यम से अध्ययन का कार्य दिया जा रहा है. 3 जुलाई से चेपड़ो , उणी , जोला,त्रिकोट , सेरा विजयपुर ,टुंडी, कल्याणी आदि गांव में जाकर बच्चों के ऑनलाइन कार्यों की जांच की जा रही है. साथ ही उन्होंने अभिभावकों से वार्ता का छात्रों के पठन-पाठन पर ध्यान देने पर भी आग्रह क्या है।

शहीद भवानी दत्त स्मारक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य दिगपाल सिंह गड़िया का कहना है .कि बच्चों के ऑनलाइन कार्यों की घर घर जाकर जांच की जा रही है .वही कुछ छात्र – छात्राओं के पास एंड्राइड फोन ना होने के चलते उनके पठन-पाठन में कोई कमी ना हो उसके लिए उनको भी नोट्स के जरिये पठन-पाठन का कार्य दिया जा रहा है।

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