पहाड़ के गांवों में उतरा शासन! दूरस्थ इलाकों में अपर सचिव मनमोहन मैनाली की चौपाल, पैदल चलकर सुनी जनता की पीड़ा
डांडा–ककनई से श्यामलाताल तक जनसंवाद, गांव में रात्रि प्रवास—“हर गांव तक विकास” का ज़मीनी संदेश
चम्पावत | 03–04 जनवरी
जब शासन फाइलों से निकलकर पहाड़ के दुर्गम गांवों की पगडंडियों पर चलता है, तब भरोसा पैदा होता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने जनपद चम्पावत के दूरस्थ गांवों और पर्यटन क्षेत्रों में दो दिवसीय जनसंपर्क व चौपाल कार्यक्रम के जरिए यही संदेश दिया—सरकार आपके द्वार है।

🏡 गांव में रात्रि प्रवास, चौपाल में खुलकर संवाद
डांडा, ककनई, कठोल जैसे दूरस्थ गांवों में चौपाल और जनसंवाद के माध्यम से अपर सचिव ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
रात गांव में बिताई गई—ताकि समस्याओं को सिर्फ सुना नहीं, महसूस भी किया जा सके।
🗣️ ग्रामीण बोले, शासन ने सुना
ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं—
- एएनएम की नियमित उपस्थिति
- धूरा क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर
- पशुपालन सेवाएं
- सड़क, पेयजल और शिक्षा का सुदृढ़ीकरण
इन मांगों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी गई।
🐄 पशुपालकों को बड़ी राहत
डांडा–ककनई क्षेत्र के लिए 08 जनवरी को पशु चिकित्सा शिविर लगाने की संस्तुति की गई, ताकि पशुपालकों को इलाज के लिए दूर न भटकना पड़े।
जी-राम-जी योजना में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान पर भी काम शुरू हुआ।
🚶♂️ चार किलोमीटर पैदल, फिर दर्शन
अपर सचिव ने कठोल से लगभग 4 किमी पैदल यात्रा कर प्रसिद्ध ब्यानधूरा मंदिर में दर्शन किए।
मंदिर समिति और जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र को रोप-वे और पूर्ण सड़क संपर्क से जोड़ने का सुझाव दिया—जिस पर शासन स्तर पर योजना का आश्वासन मिला।
🌄 श्यामलाताल में विकास कार्यों की जमीनी जांच
दूसरे दिन श्यामलाताल पर्यटन क्षेत्र में मुख्यमंत्री के निर्देश पर चल रहे सौंदरीकरण और विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया।
विवेकानंद आश्रम में स्वामी जी, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के साथ संवाद हुआ—इतिहास भी, भविष्य भी।
🏛️ “हर गांव तक विकास”—सरकार की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश साफ रहा—
“सरकार की प्राथमिकता है कि अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति की समस्या सुनी जाए और उसका समयबद्ध समाधान हो।”
👥 जनप्रतिनिधियों की मजबूत मौजूदगी
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी अशोक अधिकारी, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुंदर सिंह बोहरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्णा बोरा, ग्राम प्रधान डांडा किशोर राम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और अधिकारी उपस्थित रहे।
🔚 अंतिम पंक्ति
जब अधिकारी पैदल चलें, गांव में रुकें और चौपाल में बैठकर सुनें—
तब विकास सिर्फ़ योजना नहीं, भरोसा बन जाता है।
