पहाड़ को चाहिए रास्ता, रोज़गार और पहचान
नौगांव–चिन्यालीसौड की आवाज़ लेकर महाराज से मिले मनवीर सिंह चौहान
✍️ देहरादून | उत्तरकाशी कनेक्ट
जहाँ सड़क खत्म होती है,
वहीं से पहाड़ के सपने शुरू होते हैं…
और इन्हीं सपनों को रास्ता दिलाने के लिए देहरादून में उत्तरकाशी की गूंज सुनाई दी।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से भेंट कर
👉 सड़क,
👉 आवास गृह,
👉 और सेममुखेम–सप्तसेम ट्रेक को “ट्रेक ऑफ द ईयर 2026” घोषित करने की जोरदार मांग रखी।
🏔️ सेममुखेम–सप्तसेम: आस्था, रोमांच और पर्यटन का संगम
चौहान ने कहा—
“जगडगांव दिचली और बनकोट तक वाहन पहुँचता है, लेकिन उसके आगे 6 किलोमीटर का पैदल मार्ग आज भी इंतज़ार कर रहा है।”
यही वह रास्ता है,
जो सेममुखेम को सप्तसेम से जोड़ता है—
जहाँ आस्था, ट्रेकिंग और प्रकृति एक साथ मिलते हैं।
👉 मांग साफ है—
इस 6 किमी पर्यटन मार्ग को ‘ट्रेक ऑफ द ईयर 2026’ घोषित किया जाए।
🏨 नौगांव में पर्यटन ठहरे, पहाड़ में रोज़गार बहे
विकासखंड नौगांव के राजगढ़ी क्षेत्र,
मां रेणुका देवी मंदिर सरनौल
और श्री जमदग्नि ऋषि आश्रम थान—
इन पवित्र स्थलों पर पर्यटक आवास गृह की मांग भी ज्ञापन में प्रमुख रही।
“पर्यटक आएं, रुकें और स्थानीय लोगों को रोजगार मिले”—
यही सोच है इस पहल के पीछे।
🛣️ जिन गांवों को चाहिए सड़क, वही गांव बचाएंगे पहाड़
ज्ञापन में कई गांवों के लिए जीवनरेखा समान सड़कों की मांग रखी गई—
- मसाल गांव – गंगटाड़ी मोटर मार्ग व पुल
- पालर–मस्सू से फरी तक सड़क
- पौल गांव में सड़क सर्वे परिवर्तन
- रौतल से मुरखील मोटर मार्ग निर्माण
चौहान बोले—
“इन सड़कों से सिर्फ गांव नहीं जुड़ेंगे,
बल्कि भविष्य जुड़ेगा, रोजगार जुड़ेगा और रिवर्स पलायन बढ़ेगा।”
🤝 मंत्री का आश्वासन, उम्मीदों को पंख
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और लोनिवि ने
मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निर्णय का भरोसा दिया।
🔚 आख़िरी बात
पहाड़ को दया नहीं,
दिशा चाहिए।
अगर सड़क पहुँची,
तो सपने लौटेंगे।
अगर ट्रेक पहचाना गया,
तो पहचान बनेगी।
**नौगांव–चिन्यालीसौड आज मांग रहा है—
विकास का रास्ता, सम्मान की पहचान।
