ऑनलाइन का दबदबा — फाइलों का बोझ घटेगा, सिस्टम में आएगी रफ्तार!
उत्तराखंड के सचिवालय में मंगलवार को एक तगड़ी हलचल देखने को मिली। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अगुवाई में सचिव समिति की बैठक हुई — और इस बैठक में सरकार के सिस्टम को डिजिटलाइजेशन के नए इंजेक्शन दिए गए।
मुख्य सचिव का साफ संदेश — अब सब कुछ ऑनलाइन होगा, आधा-अधूरा नहीं!
“हर डीपीआर अब ई-मॉड्यूल से बनेगी, फाइलें कागज़ पर नहीं, कंप्यूटर पर दौड़ेंगी!”
— श्री आनन्द बर्द्धन, मुख्य सचिव
ई-डीपीआर से होगा हर काम का ब्लू प्रिंट!
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आदेश दिए — अब हर प्रोजेक्ट की डीपीआर ई-डीपीआर सिस्टम पर तैयार हो।
- सिर्फ कागज़ी खानापूरी नहीं,
- फाइल की पूरी यात्रा ऑनलाइन ट्रैक होगी।
- मॉनिटरिंग भी ऑनलाइन ही होगी।
“शत-प्रतिशत ई-डीपीआर लागू करना है। आधा अधूरा नहीं चलेगा।”
— मुख्य सचिव
कर्मचारियों की सर्विस बुक भी होगी डिजिटल!
उत्तराखंड सरकार अब अपने हर कर्मचारी की सर्विस बुक भी ऑनलाइन अपडेट करने जा रही है।
- यूकेपीएफएमएस पोर्टल पर डेटा फीड होगा।
- चौथी श्रेणी कर्मचारियों और वाहन चालकों तक की जीपीएफ डिटेल्स अपडेट होंगी।
- आईएफएमएस का डिजिटल नेटवर्क भी मजबूत किया जाएगा।
“सिस्टम को डिजिटल करना ही पारदर्शिता की गारंटी है।”
— श्री आनन्द बर्द्धन
ई-ऑफिस और बायोमैट्रिक — ऑफिसों में आएगी कड़ाई!
अब किसी दफ्तर में फाइल गुम नहीं होगी, न ही हाजिरी से कोई बच पाएगा।
- 100 प्रतिशत ई-ऑफिस लागू करने के निर्देश।
- जिलों तक ई-ऑफिस सिस्टम पहुंचाने की डेडलाइन तय।
- बायोमैट्रिक हाजिरी भी हर विभाग में अनिवार्य।
“अब कामचोरी नहीं चलेगी। सिस्टम स्मार्ट बनेगा। जनता को फायदा होगा।”
— मुख्य सचिव

डीएम की मीटिंग सिर्फ शुक्रवार शाम!
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को मीटिंगों के बोझ से राहत देने का ऐलान किया।
- हफ्ते में एक ही दिन — शुक्रवार शाम — वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तय।
- विभागों को आदेश — अपनी मीटिंग एजेंडा पहले ही भेजें।
- डीएम को बाकी समय ज़मीन पर काम करने का मौका मिलेगा।
“डीएम दिन-रात मीटिंग में फंसे रहते हैं। अब ऐसा नहीं होगा।”
— श्री आनन्द बर्द्धन
आईएएस अफसर गोद लेंगे अपने पुराने कार्यस्थल!
सबसे दिलचस्प ऐलान — IAS अफसर अपने पहले पोस्टिंग के इलाके गोद लेंगे।
- विकासखंड, तहसील, ज़िला मुख्यालय की फ्लैगशिप योजनाओं की निगरानी करेंगे।
- जनता की ज़मीन पर जाकर सीधे हकीकत जानेंगे।
“नौकरशाही को ज़मीन से जोड़ना ज़रूरी है। तभी असली विकास होगा।”
— श्री आनन्द बर्द्धन
