Chinyalisaud
जीआईसी , कृषि फार्म हवाई पट्टी के बाद अब सेना के एयर बेस के रूप मे चिन्याली सौड कि जमीन के अधिग्रहण कि खबर मिलते ही ग्रामीणो मे हड़कंप मच गया | चार गावों के ग्रामीणो ने बैठक कर बताया कि पूर्व कि भांति वे रास्ट्र हित के लिए पहले कि भांति कुर्बानी देने को तैयार है पर वे सिर्फ इतना चाहते है कि इस बार अंतिम निर्णय से पूर्व उन्हे जरूर सुन लिया जाय|
नरेंद्र सिंह नेगी चिन्यालीसौड |
उत्तरकाशी जिले के चिन्याली सौड मे हवाई पट्टी को विस्तार देकर वायु सेना का एयर बेस बनाने की तैयारी चल रही है | पहले से ही भूमि हीन कि श्रेणी मे आ चुके ग्रामीणो को अब अपनी आजीविका का खतरा नजर आने लगा है |
पूर्व प्रमुख बलवीर बिष्ट, जोत सिंह बिष्ट और पूरन सिंह आदि का का कहना है की इससे पूर्व भी बार बार क्षेत्र की जमीन को अधिग्रहण किया गया है और ग्रामीणो ने रास्ट्र हित मे शांति पूर्वक अपना योगदान दिया है किन्तु अब उनके पास बहुत ही कम जमीन बची हुई है लिहाजा इस बार अधिग्रहण से पूर्व सरकार ग्रामीणो की बात अवश्य सुने
गौतलब है कि इसी स्थान पर हवाई पट्टी निर्माण के समय इस गाव मे 868 परिवार थे जिनकी 1000 नाली भूमि हवाई पट्टी निर्माण मे उपयोग हुई है | पट्टी के जमीन देने के बाद प्रति परिवार महज ढाई नाली जमीन किसान के पास बची थी और जिला प्रशासन ने भी माना था कि गाव के लोग अब भूमि हीन हो गए है जिस पर ग्रामीण अपने परिवार का गुजर बसर कर रहे है |
हवाई पट्टी के पास सेना का एयर बेस बनाने पर बची खुची जमीन से भी ग्रामीण हाथ धो बैठेंगे| ग्रामीणो कि मांग है कि ऐसे मे उन्हे बिस्तफिट कर दिया जाय |
बताते चले कि वर्ष 1958 मे 34 एकड़ भूमि कृषि फार्म के लिए अधिग्रहण हुआ था और और 12 एकड़ इंटर कॉलेज के लिए ग्रामीणो द्वारा दान दी गयी | आल वेदर चार धाम प्रोजेक्ट के लिए भी जमीन का अधिग्रहण किया गया इन सभी विकास कार्याओ मे सिर्फ हवाई पट्टी कि जमीन के लिए ही निगोसीएसन किया गया था | लिहाजा ग्राइनों कि मांग है कि अंतिम निर्णय लेने से पूर्व उनकी बात भी सुन ली जाय
