टिहरी बांध परियोजना भले ही देश की ऊर्जा और पानी की जरूरतों को पूरा कर देश भर में अपना नाम कमा रही हो किंतु इसी झील के किनारे और गंगा यमुना के मायके में बसे उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ में की आधी आबादी लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रही है हालात यह हैं कि लोगों को अपने दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए 7 किलोमीटर दूर जाकर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है कोरोना महामारी के बीच पेयजल संकट दोनों तरफ से जानलेवा साबित हो रहा है।
नरेंद्र सिंह नेगी चिन्यालीसौड़
नगर पंचायत में आने के बाद भी चिन्यालीसौड़ की आधी आबादी बिना पानी के जी रही है। हैरान करने वाली बात यह है उत्तरकाशी जिले का यह तहसील मुख्यालय टिहरी झील के किनारे बसा हुआ है। नगर पालिका क्षेत्र में आने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता सुमन बडोनी तहसील मुख्यालय में आमरण अनशन पर बैठ गए हैं ।

सुमन ने बताया कि विगत 1 अप्रैल 2020 के के बाद से चिन्यालीसौड़ के वार्ड संख्या 3, 4 ,5 और 6 में पानी की बूंद भी नहीं टपकी, परेशान लोगों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ 3 से 7 किलोमीटर डोबन, मणि , कुमराणा, दीखोली शिवाणी और बड़ेथी से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। दरअसल सड़क चौड़ीकरण के मलवे और ऑल वेदर रोड की टूट-फूट से जल संस्थान की लाइन बार-बार ध्वस्त हो रही है। पिछली बार भी स्थानीय लोगों ने इस मसले को विभिन्न मंचों से उठाया था ।जिसके बाद नदी के बीचो-बीच पाइप डालकर अस्थाई व्यवस्था शुरू की गई जो कुछ ही समय बाद पानी के बहाव में बह गई और पेयजल संकट पूर्व की भांति खड़ा हो गया।सुमन बडोनी ने बताया कि 10 जून को उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन सौंपा था जिसमें कहा गया कि यदि इलाके में पानी की संकट को दूर नहीं किया गया तो वह सोमवार 15 जून से आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। इसी कड़ी में सुमन बड़ौनी आज तहसील मुख्यालय चिन्यालीसौड़ में सोमवार से आमरण भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
व्यापार मंडल के अमित सकलानी और नगर पालिका चिन्यालीसौड़ से नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि व्यापार मंडल चिन्यालीसौड़ के साथ नगरपालिका सभासदों का उन्हें पूरा समर्थन प्राप्त है । तहसील प्रशासन की तरफ से तहसीलदार और जल संस्थान की तरफ से अधिशासी अभियंता मौके पर आए उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों से पानी सुचारु होने की उम्मीद नजर नहीं आती लिहाजा धरना जारी रहेगा।
