ग्राम प्रधानों की समस्याओं से सीएम को कराया अवगत,शीघ्र निराकरण की मांग।
आज जिला प्रधान संगठन टिहरी गढ़वाल के जिलाध्यक्ष रविन्द्र सिंह राणा ने ग्राम प्रधानों की 12सूत्रीय मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन सौंपा। ग्राम प्रधानों की 12सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री ने शीघ्र ही आवश्यक कार्यवाही कार्यवाही का भरोसा दिलाया। गौरतलब है कि प्रदेश भर के प्रधान पिछले 15 दिनों से अपनी 12सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश की राजधानी देहरादून में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगों में जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायत को कार्यदाई संस्था बनाया जाए, ग्राम प्रधानों का मानदेय ₹20000 प्रतिमाह किया जाए, मनरेगा में कार्य दिवस जॉब कार्ड 100 दिन के बजाय 200 दिन किए जाएं, मनरेगा में कुशल श्रमिकों के पारिश्रमिक का भुगतान मनरेगा श्रमिकों के साथ ही किया जाए, मनरेगा में पक्के कार्यों हेतु 45 परसेंट रनिंग भुगतान की व्यवस्था की जाए, 14 वित्त व राज्य वित्त मैं ऑफलाइन भुगतान प्रक्रिया को ही यथावत रखा जाए क्योंकि डोंगल और डीएससी के एक्टिवेट ना होने के कारण व कमजोर नेटवर्क होने के कारण ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया पहाड़ों में दम तोड़ती नजर आ रही है। मनरेगा रोजगार सेवकों को हर तीन साल के अंतराल में न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरित किया जाए, मनरेगा में प्रतिदिन 201के बजाय 350 रुपए, पारिश्रमिक दिया जाए। वार्ता के पश्चात मुख्यमंत्री के शीघ्र ही मांगों पर उचित कार्यवाही का आश्वासन देने के बाद ही प्रतिनिधि मंडल वापस लौटा। इसमें जिलाध्यक्ष रविन्द्र सिंह राणा, गब्बर नेगी, संदीप रावत,बीना नेगी, सुमेर राणा, विनोद रावत,दिवान सिंह,चतर सिंह आदि थे।
