देहरादून। उत्तराखण्ड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी समिति के केन्द्रीय मुख्य संरक्षक धीरेन्द्र प्रताप ने ऋषिकेश में उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आन्दोलनकारी शहीद स्मारक को लोक निर्माण विभाग द्वारा तोड़े जाने की कड़ी शब्दों में निन्दा की है। धीरेन्द्र प्रताप ने आज यहां जारी बयान में कहा है कि चारधाम यात्रा मार्ग के निर्माण के नाम पर इस शहीद स्मारक को तोड़ दिया है उन्होंने कहा कि राज्य आन्दोलनकारी राज्य के विकास के विरोधी नही परन्तु शहीद स्मारक तोड़े जाने से पहले सरकार को उसके लिए ऋषिकेश में ही अन्यत्र स्थान दिया जाना चाहिए था और उसके भवन के निर्माण के लिए सरकार को पूरा खर्च वहन करके नये शहीद स्मारक की स्थापना करनी चाहिए थी धीरेन्द्र प्रताप ने कहा एक ओर तो भाजपा करोड़ों रूपये के खर्च से अपने पार्टी कार्यालय बनाने में लगी है जबकि दूसरी ओर उत्तराखण्ड के शहीदांे के स्मारकों को नेस्तानाबूद किया जा रहा है।
धीरेन्द्र प्रताप ने इस मामले में राज्यपाल का ध्यान आकृर्षित करते हुए भाजपा की आन्दोलकारी विरोधी नितियों की कड़ी निंदा की है। धीरेन्द्र प्रताप ने कहा कि सरकार ने यदि एक सप्ताह के भीतर शहीद स्मारक के बारे में कोई सही निर्णय नही लिया तो राज्य राज्य आन्दोलनकारी सड़कों पर आकर इसका विरोध करेेंगे। उन्होंने इस बीच आगामी 30 अक्टूबर को तमाम राज्य आन्दोलनकारियों से देहरादून चलो का आह्वान किया है। जिस दिन आन्दोलनकारी चिन्हिकरण, आन्दोलनकारियों को 10 प्रतिशत आरक्षण, 10 हजार पेंशन, स्थायी राजधानी गैरसैण को लेकर विशाल सत्याग्र्रह करेेंगे।
