विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहा है वैसे वैसे राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ती जा रही है जँहा एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुचाने में लगी है वंही विपक्ष अपने संगठन को मजबूत करने की कवायद कर रहा है । इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के बागियों को घर वापसी के संकेत दे कर एक नया राग छेड़ दिया है ।
हरीश रावत ने एक टीवी इंटरव्यू में कांग्रेस के बागी नेताओ की शर्त के साथ वापसी करने के संकेत दे दिए है जिस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी अपनी सहमती व्यक्त करते हुए कहा राजनीति में ऐसा कोई दल नही है जिसमे एक दूसरे दल के लोग न आये हो। इसलिए राजनीति में हमेशा दरवाजे खुले रहते है कभी कोई आता है कभी कोई जाता है लेकिन रही बात वापसी की तो जब ऐसी स्थिति बनेगी तब इस पर फैसला पार्टी हाई कमान की सहमती के अनुसार लिया जाएगा ।
वंही हरदा के बयान के बाद कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसोनी का कहना है जो लोग कांग्रेस छोड़ भाजपा में जिस उम्मीद के साथ गये थे आज वो अपने आप को ठगा महशूस कर रहे है , कई बार ऐसे वर्तमान में मंत्री व विधायको का दर्द मीडिया के माध्यम से बाहर भी आ जाता है साथ ही गरिमा ने कहा कांग्रेस से बगावत करने वाले ही नही जबकि आज भाजपा के लोगो का भी भाजपा से मोह भंग हो रहा है।
वंही हरदा के बयान पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा हरीश रावत अब बुढ़ापे में बड़ा दिल दिखा रहे है अच्छी बात है।
