खटीमा। उधम सिंह नगर जनपद के सीमांत क्षेत्र खटीमा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगातार बढ़ रही महंगाई के विरोध में पूरे शहर में रैली निकाली। महंगाई विरोधी इस रैली में भारी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई को लेकर तहसीलदार खटीमा को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। सीमांत क्षेत्र खटीमा में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर में महंगाई के विरोध में रैली निकाली। कांग्रेस द्वारा निकाली गई इस महंगाई विरोधी रैली में भारी संख्या में जहां महिलाओं ने भाग लिया। वहीं, रैली में महिलाएं प्याज और सब्जियों की मालाएं पहने नजर आई। वहीं, कांग्रेस की इस रैली का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री भुवन कापड़ी ने मीडिया से कहा कि देश और प्रदेश पर दिन प्रदिन महंगाई बढ़ती जा रही है। खाने की वस्तुएं काफी महंगी हो गई है। वहीं, पेट्रोल और डीजल के दाम असमान छू रहे है. सबसे ज्यादा महंगाई घरेलू गैस के सिलेंडर पर बढ़ी है। जिसके विरोध में आज सैकड़ों की संख्या में महिलाएं इस रैली में शामिल हुई है। जिस तरह से जनता पर दिन प्रदिन महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है। इसका जवाब जनता आने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार को देगी। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन खटीमा तहसीलदार को सौंपा। साथ ही क्रेन्द सरकार से महंगाई पर जल्द ही लगाम लगाने की मांग की है।
सर्वदलीय संघर्ष समिति का आंदोलन जारी
अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण को पहाड़ी क्षेत्रों से स्थगित किये जाने का शासनादेश जारी होने के बाद भी अल्मोड़ा में जिला विकास प्राधिकरण के खिलाफ सर्वदलीय संघर्ष समिति का आंदोलन जारी है। सर्वदलीय संघर्ष समिति का कहना है कि जिला विकास प्राधिकरण को स्थगित नहीं, बल्कि पूरी तरह समाप्त किया जाय। जब तक यह समाप्त नहीं होगा उनका आंदोलन जारी रहेगा। सर्वदलीय संघर्ष समिति प्राधिकरण के खिलाफ अल्मोड़ा में करीब 3 साल से आंदोलनरत हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में प्राधिकरण को लेकर लोगों की नाराजगी देखी जा रही है। जिसको देखते हुए आखिरकार सरकार ने प्राधिकरण को स्थगित करने का निर्णय लिया है, लेकिन अल्मोड़ा में प्राधिकरण को पूरी तरह समाप्त करने को लेकर आंदोलन जारी है। सर्वदलीय संघर्ष समिति के संयोजक प्रकाश जोशी का कहना है कि जिला विकास प्राधिकरण को स्थगित करने का सरकार ने शासनादेश तो जारी कर दिया गया है, लेकिन अभी जिला विकास प्राधिकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मुख्यमंत्री और मंत्री का इस मामले में कहना अलग-अलग है, जबकि अधिकारियों का वक्तव्य अलग है। उन्होंने कहा कि जबतक जिला विकास प्राधिकरण पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
