पहाड़ की बेटी बनी ‘होमस्टे Queen’, सालाना 30 लाख तक की कमाई 💪🏡

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🌄 चकराता की नीलम ने रचा कमाल!


सरकारी योजना से मिली नई उड़ान — आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी नीलम चौहान

देहरादून की शांत पहाड़ियों से निकली नीलम चौहान आज उत्तराखंड की हर महिला के लिए एक प्रेरणा की मिसाल बन चुकी हैं।
जहां कभी स्वरोजगार एक सपना था, वहीं आज नीलम का “हरुल-ए-बुटीक होमस्टे” सफलता की नई कहानी लिख रहा है।


पंडित दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना बनी जीवन की दिशा ✨

वर्ष 2022-23 में पर्यटन विभाग की पंडित दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना के तहत 15 लाख की सहायता प्राप्त कर नीलम ने अपने सपनों को आकार दिया।
आज, चकराता ब्लॉक के ग्राम पाटी में उनका छह भवनों वाला खूबसूरत होमस्टे पर्यटकों के बीच चर्चा का विषय है।


पहाड़ी वास्तुकला, लोक स्वाद और स्वाभिमान का संगम 🏔️🍲

“हरुल-ए-बुटीक होमस्टे” सिर्फ एक ठिकाना नहीं, बल्कि पहाड़ की आत्मा का अनुभव है।
यहां आने वाले सैलानी मंडवे की रोटी, गहत का शूप और झंगोरे की खीर का स्वाद लेते हुए टाइगर फॉल, देवबन और बंदरपंच की बर्फीली चोटियों का नजारा करते हैं।
यही वजह है कि नीलम का होमस्टे अब देश-विदेश के सैलानियों की पहली पसंद बन गया है।


रोजगार देने वाली ‘पहाड़ी उद्यमी’ 🌿

नीलम ने न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अपने गांव के 7 लोगों को रोजगार देकर “जॉब गिवर” का नया परिचय दिया।
अब हर साल 25 से 30 लाख रुपये की आय अर्जित कर वे यह साबित कर रही हैं कि अगर हौसला मजबूत हो, तो पहाड़ में भी तरक्की संभव है।


“सरकार की योजनाएं महिलाओं को दे रही हैं नया आत्मविश्वास” – नीलम चौहान 👩‍🌾

“मैंने सोचा नहीं था कि मेरा छोटा-सा सपना इतना बड़ा आकार लेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा मिले सम्मान से मेरा आत्मबल और बढ़ गया है।
मैं चाहती हूं कि हर महिला स्वरोजगार से जुड़कर खुद को आत्मनिर्भर बनाए।”


पर्यटन विभाग की सराहना 🙌

जिला पर्यटन अधिकारी वृजेन्द्र पांडेय ने कहा —

“नीलम चौहान ने जो किया है, वह वास्तव में प्रेरणादायक है।
उन्होंने योजना का सही उपयोग कर न केवल खुद को स्थापित किया, बल्कि गांव में रोजगार भी सृजित किया।”


मुख्यमंत्री धामी की पहल से खिल रही है पहाड़ की संभावनाएं 🏞️

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ रहे हैं।
नीलम चौहान की कहानी इस बात का साक्ष्य है कि सरकारी योजनाएं जब सही हाथों में पहुंचती हैं, तो पहाड़ भी मुस्कुराने लगता है।


💫 अंत में एक संदेश:

नीलम की कहानी सिर्फ सफलता नहीं, एक प्रेरणा है।
जहां कई लोग शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, वहीं उन्होंने अपने गांव में रहकर दिखाया —
👉 “अगर मन में लगन हो, तो पहाड़ों में भी आसमान छूना मुमकिन है।” 🌺

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