अधिकारियों ने उड़ाई शिक्षा मंत्री के आदेश की खिल्लियाँ, डायट डीएलएड प्रशिक्षितों का अनिश्चितकालीन धरना जारी।
प्रदेश मे कैबनेट मंत्री के आदेश पर कैसे कार्यवाही होती है इसका जीता जागता उदाहरण प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रकरण भर्ती से देखा जा सकता है | उच्च न्यायलय से स्पष्ट क्लीन चिट मिलने के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है | विभागीय मंत्री को प्रक्रियाओ की जानकारी नहीं थी अथवा बाबू जानबूझकर अड़ंगा लगा रहे है | कोर्ट से राहत मिलने और विभागीय मंत्री के आश्वासन के बाद भी आंदोलनकारी धरने से क्यू नहीं उठे समझा जा सकता है |

उत्तराखंड मे प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया आये दिन नए नए मोड़ ले रही है और हर दिन डायट डीएलएड प्रशिक्षितों की परेशानियां बढ़ती जा रही है जिससे डायट संघ में रोष का माहौल है। पहले विभाग कोर्ट का बहाना बनाकर भर्ती प्रक्रिया को टालता रहा, जिससे परेशान होकर विगत 6 अगस्त से डायट संघ अपने बैनर तले निदेशालय ने धरनारत हुए। 1 सितंबर को माननीय उच्च न्यायालय से भर्ती प्रक्रिया में राहत मिलने पर माननीय शिक्षा मंत्री जी द्वारा 20 दिनों में भर्ती पूरी करने का वादा किया था परन्तु अधिकारियों की लेट लतीफी देखकर लगता है भर्ती प्रक्रिया शायद ही तय सीमा में सम्पन्न हो पाएगी। प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शिक्षा मंत्री जी के आदेशों के बाद भी अनुमति फ़ाइल सचिवालय स्तर पर अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण बेवजह फसी पड़ी है।
डायट संघ सचिव हिमांशु जोशी ने बताया कि अब धैर्य टूट चुका है, यदि इसी महीने भर्ती पूरी नहीं होती तो अगके ही दिन से शासन प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन होगा। भावी शिक्षकों का यदि वर्तमान सरकार में ये हाल है तो हम समझ सकते हैं वर्तमान सरकार रोजगारों के प्रति कितनी संवेदनशील है।

प्रदेश उपाध्यक्षा दीक्षा राणा ने बताया कि विगत शक्रवार को हमारे लिए अच्छी खबर मिलने की उम्मीद में हम देर रात तक निदेशालय परिसर में इंतज़ार करते रहे किंतु भर्ती फ़ाइल को बिना किसी कारण से वापस सचिवालय में भेज दिया गया। हमें उम्मीद है कि शायद आज कुछ अच्छी एवं सकारात्मक खबर डायट संघ को मिल जाएं।
परन्तु शासन व प्रशासन एक बात समझले कि हम यहां से बिना नियुक्ति लिए हटने वाले नहीं है।जब तक हमें विभाग की ओर से काउंसिलिंग की तारीख नहीं मिल जाती तब तक हम यहीं डटे रहेंगे।
प्रदेश कोषाध्यक्ष गौरव रावत ने बताया कि डायट संघ प्रतिनिधि लगातार विभागीय अधिकारियों के सम्पर्क में है और भर्ती प्रकरण में अपनी बात रख रहे हैं किंतु सम्बंधित अधिकारी भर्ती को जल्दी पूरी होने की बात कहकर कन्नी काट लेते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अधिकारी वर्ग मंत्री जी के वादे की नाफरमानी कर रहे हैं।
