देहरादून : कॉंग्रेस के हमले के जबाब मे बीजेपी की सर्जिकल स्ट्राइक : सबूत नहीं मांगेंगे हम ?

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देहरादून , विधान सभा चुनाव 2022 मे अभी समय है जबकि राजनैतिक दलों द्वारा कराए गए सर्वे मे सभी खुद को मजबूत दिखा रहे है , हालांकि जनता अभी भी मौन है | इसी बीच चार सालों तक सुसुप्त अवस्था मे चल रही विपक्ष अचानक सत्ता धारी दल पर हमलावर हो गई है | एक दूसरे पर तीर कमान चल रहे है और सोशल मीडिया के माध्यम से वार पलटवार के जबाब दिए जा रहे है और खुद की कमीज दूसरे से ज्यादा साफ दिखाने की होड मची है , हालांकि कौन सा वाशिंग पाउडर इसकी सफाई कर रहा है, इसका कोई पता नहीं है | लगातार हमले झेलने के बाद बीजेपी संगठन की तरफ से मुखिया मदन कौसिक ने जबाबी कार्यवाही मे पार्टी के अंदर घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करने का प्रयास किया है |

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन कौशिक ने कहा कि कांग्रेस द्वारा भाजपा को लोकतान्त्रिक सीख दी जा रही है जो कि हास्यास्पद है , बेहतर होता कि वह अपनी पार्टी के नेताओं को इस बारे में ज्ञान देती | श्री कौशिक ने कहा कि अपने ही प्रधानमन्त्री के बनाए कानून को रद्दी की टोकरी में फेंकते समय लोकतन्त्र कंहा था और उससे पहले देश में इमर्जेंसी थोपने वाले अब लोकतंत्र किसे सिखा रहे हैं?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में प्रदेश ही नहीं,बल्कि पूरे देश में गुटबाजी और अन्तर्कलह जगजाहिर है और कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि तब वह लोकतंत्र को किस तरह से सुशोभित कर रही थी। उत्तराखंड में कांग्रेस के पहले से ही तीन गुट माने जाते हैं और अब गुटबाजी के कारण 6 गुट बन गये हैं। 5 अध्यक्ष और एक चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष पूर्व सीएम हरीश रावत का माना जाता है।

” घर में नहीं है दाने अम्मा चली भुनाने”


विवाद पर लोकतंत्र का ज्ञान बांटने वाली कांग्रेस की स्तिथि ” घर में नहीं है दाने अम्मा चली भुनाने” की है। कांग्रेस सत्ता में रही तो सरकार और संगठन में शीत युद्ध खुलकर दिखा और विपक्ष में रही तो संगठन में कब्जे की लड़ाई सामने आती रही। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस को केवल कार्यकर्ताओ की पह्चान गुट के आधार पर की जाती है और उनके पीछे क्षत्रपो का नाम लिया जाता है। महत्वाकांक्षी इस कदर हावी है कि राजनैतिक अस्तित्व और मुख्यमंत्री की लड़ाई भी साथ साथ चल रही है। लेकिन कांग्रेस को न लोकतंत्र की चिन्ता है और न ही इस बात का फर्क की पार्टी में कार्यकर्ताओ, युवाओ पर क्या फर्क पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बेहतर है कि वह अपने घर में चल रहे बबाल को शांत करे और लोकतंत्र की रक्षा करे। क्योंकि इसी के चलते आज कांग्रेस हाशिये पर खिसक गयी है।

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